Rajgarh News: हिमाचल प्रदेश के राजगढ़ स्थित शहीद कमनाराम राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चंबीधार से जनभागीदारी की एक अनुकरणीय और प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। विद्यालय के पुराने भवन को शिक्षा विभाग द्वारा असुरक्षित करार दिए जाने के बाद विद्यार्थियों की सुरक्षा और शिक्षा निरंतरता पर एक बड़ा संकट खड़ा हो गया था।
सरकारी प्रक्रिया और सहायता मिलने में लगने वाले समय के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका बनी हुई थी। इस स्थिति को देखते हुए स्थानीय ग्रामीणों, पूर्व विद्यार्थियों, समाजसेवियों तथा विद्यालय के शिक्षकों ने सामूहिक एकजुटता का परिचय देते हुए स्वयं नए भवन के निर्माण की कमान संभाली। सरकारी सहायता का इंतजार करने के बजाय ग्रामीणों ने स्वैच्छिक योगदान के माध्यम से इस समस्या का त्वरित समाधान निकालने का निर्णय लिया।
स्थानीय लोगों ने अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार आर्थिक सहयोग प्रदान किया। इसके साथ ही, विद्यालय के कई पूर्व विद्यार्थियों ने, जो पेशे से राजमिस्त्री, पेंटर और अन्य कुशल कारीगर हैं, बिना किसी पारिश्रमिक के दिन-रात श्रमदान किया। इस सामूहिक जनसहयोग और श्रमदान के बल पर मात्र दो लाख रुपये की सीमित लागत में विद्यार्थियों के लिए चार सुंदर, मजबूत और पूरी तरह सुरक्षित कमरों का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया।
इस पूरे निर्माण कार्य और प्रयास का सबसे उल्लेखनीय एवं प्रेरणादायक पहलू इसका लोकार्पण समारोह रहा। नवरात्र के पावन अवसर पर आयोजित उद्घाटन कार्यक्रम के लिए ग्रामीणों ने किसी मंत्री, राजनेता या प्रशासनिक अधिकारी को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित नहीं किया।
इसके स्थान पर, समाज में समानता और मानवीय संवेदना का संदेश देने के उद्देश्य से, विद्यालय की आठवीं कक्षा में अध्ययनरत अनुसूचित जाति की अनाथ छात्रा ‘पूजा’ के कर-कमलों से नए भवन का औपचारिक उद्घाटन करवाया गया। ग्रामीणों के इस निर्णय से उस बच्ची को समाज में मान-सम्मान और बराबरी का अहसास कराया गया, जिसकी सर्वत्र सराहना की जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान समाजसेवी एवं सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी कमल दत्त शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि ग्रामीणों और पूर्व छात्रों की सामूहिक इच्छाशक्ति ने यह साबित कर दिया है कि जनभागीदारी से शिक्षा के क्षेत्र की बड़ी से बड़ी चुनौतियों और समस्याओं का समाधान संभव है। इस गरिमामयी समारोह के अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्य अंजली सूद, एसएमसी अध्यक्ष सुरेंद्र ठाकुर, पूर्व शिक्षिका मीरा शर्मा, बलदेव बड़ोठी, रूप सिंह शास्त्री, महेश शर्मा, बृजमोहन सहित समस्त विद्यालय स्टाफ और भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।




















