Delhi Police Alert Connaught Place Protest: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कनॉट प्लेस पर जुटने के ऐलान के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। त्योहारी सीजन और संभावित भीड़ को देखते हुए दिल्ली पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। इसी बीच, पार्टी के दो नेताओं आशुतोष रांका और सौरभ दास को हिरासत में लिए जाने के विरोध में पार्टी प्रमुख अभिजीत दीपके ने देर रात एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी किसी भी तरह का सत्ता परिवर्तन नहीं चाहती है, बल्कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने और चुनावी प्रक्रिया में जवाबदेही तय करने की मांग कर रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पार्टी प्रमुख अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि चुनावों में हेराफेरी की गई है और सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बिना फॉर्म 6 में बदलाव किए गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि बाकी दो आयुक्तों ने स्पष्ट किया था कि वे इन फैसलों के साथ नहीं हैं। दीपके ने सवाल उठाया कि क्या स्वतंत्र और निष्पक्ष व्यवस्था की मांग करना आज के समय में गलत है और इसके लिए सरकार या प्रशासन इतना क्यों डर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए अपनी मांगों को पूरी तरह लोकतांत्रिक और जायज करार दिया।
अपनी आगे की रणनीति स्पष्ट करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि वे महात्मा गांधी और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के सच्चे अनुयायी हैं। उन्होंने दोहराया कि कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ता देश के जिम्मेदार नागरिकों के रूप में शांतिपूर्वक कनॉट प्लेस जाकर तिरंगा फहराएंगे, जो उनका संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने शांति और अहिंसा में अटूट विश्वास जताते हुए कहा कि उनकी तरफ से किसी भी प्रकार का असंवैधानिक कार्य या हिंसा नहीं की जाएगी।
उन्होंने सवाल किया कि नागरिकों को शांतिपूर्ण तरीके से तिरंगा लहराने से आखिर क्यों रोका जा रहा है। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आम जनता और प्रदर्शनकारियों से इस गैर-कानूनी जमावड़े का हिस्सा न बनने की सख्त अपील की है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
व्यापारियों की सुरक्षा और आशंकाओं का हवाला देते हुए क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, पुलिस ने एक वैकल्पिक प्रस्ताव देते हुए कहा है कि चुनिंदा व्यक्तियों के समूह को उचित स्थान पर राष्ट्रगान और ध्वज फहराने की सुविधा दी जा सकती है, बशर्ते सभी नियमों का पूरी गरिमा के साथ पालन हो।
सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने व्यापक और कड़े इंतजाम किए हैं। किसी भी बड़े सामूहिक उल्लंघन से निपटने के लिए लुटियंस दिल्ली के नजदीकी खेल स्टेडियमों को अस्थाई डिटेंशन सेंटर में तब्दील कर दिया गया है, जहां हिरासत में लिए गए लोगों को ले जाने के लिए दर्जनों सरकारी बसें तैनात हैं।
इसके अलावा, केंद्रीय सचिवालय, उद्योग भवन और खान मार्केट जैसे प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के चुनिंदा निकास द्वारों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों का कड़ा पहरा बैठाया गया है। लुटियन जोन के चप्पे-चप्पे की सुरक्षा का जिम्मा लगभग 27,000 सुरक्षा जवानों को सौंपा गया है। पूरे नई दिल्ली और कनॉट प्लेस इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 163 पहले से ही प्रभावी रूप से लागू है।
उधर, प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने दिल्ली पुलिस को पत्र लिखकर सूचित किया है कि कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क 16 और 17 अक्टूबर को पूरी तरह बंद रहेगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय के विशेष निर्देशों के तहत दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की अतिरिक्त कंपनियों को आगामी 20 अक्टूबर तक हाई-अलर्ट पर रखा गया है।




















