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विकास परियोजनाओं को पूर्ण करने में देरी के लिए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ होगी कार्रवाई :- मुख्यमंत्री

Published on: 24 December 2020
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर

प्रजासत्ता
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां राज्य सरकार की ‘नई राहें-नई मंजिलें’ योजना के तहत प्रगति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि योजना के तहत क्रियान्वित की जा रही विभिन्न परियोजनाओं को पूर्ण करने में देरी को गंभीरता से लिया जाएगा और देरी के लिए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के पहले बजट में ‘नई राहें- नई मंजिलें’ योजना की घोषणा की गई थी, जिसका उद्देश्य राज्य में अनछुए पर्यटन स्थलों को पर्यटन की दृष्टि सेे विकसित करना है। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के अधिकारियों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करना चाहिए ताकि योजना के तहत विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य शीघ्र पूरा किया जा सके।

जय राम ठाकुर ने कहा कि सरकार ने जंजैहली इको पर्यटन परियोजना के तहत ट्रेकिंग मार्गों, विश्राम स्थलों, व्यू प्वाइंट और टेंटों की स्थापना के अतिरिक्त वन विश्राम गृहों के उन्नयन के लिए 18 करोड रुपये की राशि जारी की है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को अगले साल दिसंबर तक पूरा करने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि लारजी डैम को 3.3 करोड़ रुपये व्यय कर जल क्रीडा गतिविधि केन्द्र के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि साहसिक खेल प्रेमियों के लिए भी एक उपयुक्त स्थल उपलब्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पोंग डैम को जल क्रीडा हब के रूप में विकसित करने के लिए 6.6 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तहत पोंग डैम क्षेत्र में स्पीड बोट और फ्लोटिंग जेटी आदि की खरीद के अलावा इंटरप्रटेसन केन्द्र और इको टूरिज्म साइट्स का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला कांगड़ा में बीड बिलिंग क्षेत्र को भी इको पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है।

जय राम ठाकुर ने कहा कि जिला शिमला में चांशल को विकसित करने, लाॅग हटस के उन्नयन, करसाली में प्राकृतिक जल निकाय का जीर्णोद्धार, शिविर स्थलों को विकसित करने और वन विश्राम गृहों के उन्नयन के लिए अब तक 5.31 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई हैं। उन्होंने कहा कि इससे चांशल क्षेत्र इको पर्यटन और स्कीइंग गंतव्य के रूप में विकसित होगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना अगले वर्ष अगस्त माह के अंत तक पूरी हो जाएगी।

निदेशक पर्यटन यूनुस ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और बैठक की कार्यवाही का संचालन किया।

मुख्य सचिव अनिल खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव आर.डी. धीमान, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव जे.सी. शर्मा, सचिव पर्यटन देवेश कुमार, प्रधान मुख्य अरण्यपाल वन डाॅ. सविता शर्मा, सचिव युवा सेवाएं एवं खेल एस.एस. गुलेरिया, प्रमुख अभियन्ता लोक निर्माण विभाग भवन शर्मा, प्रबन्ध निदेशक हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत निगम लिमिटेड आर.के. शर्मा, प्रबन्ध निदेशक हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम कुमुद सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।

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