Prajasatta Side Scroll Menu
Bahra University - Shimla Hills

Shattila Ekadashi 2026: जानिए! कब किया जाएगा षटतिला एकादशी का व्रत और पारण? यहां देखें, शुभ मुहूर्त और विधि..

Shattila Ekadashi 2026: जानिए! कब किया जाएगा षटतिला एकादशी का व्रत और पारण? यहां देखें, शुभ मुहूर्त और विधि..

Shattila Ekadashi 2026 : हिंदू धर्म में षटतिला एकादशी को बेहद पवित्र और फल देने वाली तिथि माना गया है। यह एकादशी माघ मास के कृष्ण पक्ष में आती है। इस व्रत की सबसे बड़ी विशेषता तिल का महत्व है। मान्यता है कि तिल की उत्पत्ति भगवान विष्णु के शरीर से हुई थी, इसलिए इस दिन तिल से भगवान श्रीहरि की पूजा करना शुभ फल देता है। मान्यता है कि इस व्रत से पापों का नाश होता है और घर में धन-धान्य की बरसात होती है।

षटतिला एकादशी में “षट” का अर्थ छह और “तिला” का मतलब तिल होता है। इस व्रत में तिल का छह अलग-अलग तरीकों से उपयोग करने का विधान बताया गया है। भगवान विष्णु को समर्पित यह व्रत उनकी कृपा पाने का सरल मार्ग माना जाता है। भक्त इस दिन उपवास रखते हैं और अगले दिन हरि वासर के बाद व्रत का पारण करते हैं। एकादशी हर महीने दो बार, शुक्ल और कृष्ण पक्ष में आती है। लेकिन षटतिला की अपनी अलग चमक है।

इसे भी पढ़ें:  Gauri Shankar Rudraksha: शिव-पार्वती का आशीर्वाद, जीवन में शांति और सुख लाएगा गौरी शंकर रुद्राक्ष..!

14 जनवरी 2026 को मनाई जाएगी षटतिला एकादशी
उल्लेखनीय है कि इस वर्ष माघ मास की षटतिला एकादशी 14 जनवरी 2026 को पड़ेगी। खास बात यह है कि इसी दिन मकर संक्रांति का पर्व भी मनाया जाएगा। करीब 23 साल बाद बने इस विशेष संयोग के कारण इस दिन का महत्व और बढ़ गया है। यह अवसर भगवान विष्णु और भगवान सूर्य की पूजा के लिए बेहद शुभ माना जा रहा है।

एकादशी तिथि 13 जनवरी 2026 को दोपहर 3 बजकर 17 मिनट से शुरू होकर 14 जनवरी को शाम 5 बजकर 52 मिनट तक रहेगी। व्रत का पारण 15 जनवरी 2026 को सुबह 7 बजकर 15 मिनट से 9 बजकर 21 मिनट के बीच किया जाएगा। द्वादशी तिथि 15 जनवरी की रात 8 बजकर 16 मिनट पर समाप्त होगी।

इसे भी पढ़ें:  Aaj Ka Rashifal: 5 जुलाई 2025, शनिवार दैनिक राशिफल: चंद्र गोचर और सिद्धि योग का शुभ प्रभाव..!

धन और पुण्य देने वाली पहली एकादशी
षटतिला एकादशी साल 2026 की पहली एकादशी है, जो पूरी तरह भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन सफेद तिल से भगवान को भोग लगाया जाता है। मान्यता है कि इस व्रत से धन और समृद्धि की प्राप्ति होती है और पुराने पापों से मुक्ति मिलती है।

ऐसे करें षटतिला एकादशी की पूजा
इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सादे पानी में तिल मिलाकर स्नान करना चाहिए। इसके बाद पूरे श्रद्धा भाव से भगवान विष्णु के व्रत का संकल्प लें। तिल के तेल या घी का दीपक जलाएं और भगवान को पीले फूल, तुलसी पत्र और फल अर्पित करें। तिल और गुड़ से बना भोग विशेष रूप से चढ़ाया जाता है। पूजा के दौरान विष्णु सहस्रनाम या “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।

इसे भी पढ़ें:  Aaj Ka Rashifal: शनिवार के दिन द्विग्रह योग बनने से इन राशियों को मिलेगा लाभ, जानिए सभी राशियों का हाल

षटतिला एकादशी श्रद्धा, तिल और तप के माध्यम से भगवान विष्णु की कृपा पाने का खास अवसर मानी जाती है। इस वर्ष हिंदू धर्म के भक्तों के लिए खुशखबरी! है क्योंकि इस बार माघ महीने की कृष्ण पक्ष एकादशी बेहद खास बन गई है। 14 जनवरी 2026 को पड़ने वाली षटतिला एकादशी मकर संक्रांति के साथ आ रही है, जो करीब 23 साल बाद ऐसा दुर्लभ संयोग बना रहा है। यह दिन भगवान विष्णु और सूर्य देव की पूजा से दोहरा आशीर्वाद पाने का सुनहरा मौका है। अगर आप व्रत रख रहे हैं, तो इस संयोग का फायदा उठाएं और परिवार संग खुशियां मनाएं!

Aaj Ki Khabren Astrology & Religion astrology tips India Daily Horoscope Hindi Hindu festival 2025 puja vidhi Hindi Rashifal Today religion news India

Join WhatsApp

Join Now