Rahul Gandhi Lok Sabha Speech: लोकसभा के मानसून सत्र के दौरान 29 जुलाई को ‘पब्लिक एग्ज़ामिनेशन संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा चल रही थी। इस बहस के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी के भाषण ने संसद के माहौल को बेहद गर्म कर दिया। राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि उन्होंने छात्रों पर गोली चलाने और पेलेट गन का इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी।
राहुल गांधी ने सदन में गृह मंत्री की गैरमौजूदगी पर सवाल उठाते हुए कहा कि गृह मंत्री में सदन में आकर बैठने की हिम्मत नहीं है। उन्होंने कहा कि 30 कारों के काफ़िले में गृह मंत्री बैठे हुए थे और उन्होंने छात्रों पर शूटिंग का आदेश दिया था। बता दें कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का यह बयान 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में हुए ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल के संदर्भ में आया।

भाषण के दौरान राहुल गांधी ने एक छात्रा के साथ हुई बातचीत का जिक्र करते हुए तीन श्रेणियों ‘स्टूडेंट’, ‘इडियट’ और ‘अंधभक्त’ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जो इडियट को फॉलो करते हैं, वे अंधभक्त हैं। इससे पहले भाषण शुरू करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “कुछ युवा लड़कियों से मेरी बात हुई। मैंने उनसे पूछा कि आप स्टूडेंट हैं इसका क्या मतलब है। उस लड़की ने बहुत ख़ूबसूरत जवाब दिया।
उसने कहा, स्टूडेंट वो है जिसका दिल और दिमाग खुला है। स्टूडेंंट जानते हैं कि उन्हें और जानना है और ब्रह्मांड लगातार बदल रहा है। इसलिए वो मानते हैं कि ज्ञान भी लगातार बदलता रहता है।” “उसने कहा कि कुछ लोग ऐसे होते हैं जो स्टूडेंट नहीं होते, वे पूरी तरह मानते हैं कि उन्हें सब कुछ पता है और ज्ञान उनके अंदर से आता है. वो खुद को भगवान मानते हैं। वे अहंकारी हैं और किसी की नहीं सुनते। वे दूसरे के सच का सम्मान नहीं करते।”
इसके बाद सदन में भारी हंगामा होने लगा और सत्तारूढ़ पार्टी के सदस्यों ने इसे आपत्तिजनक कहा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इन शब्दों को असंसदीय करार दिया। हालांकि, राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने सदन के किसी सदस्य को ‘इडियट’ नहीं कहा, बल्कि वे केवल एक वर्ग की व्याख्या कर रहे थे।
सदन में बढ़ते हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के आरोपों पर कड़ी आपत्ति जताई। रिजिजू ने कहा कि विपक्ष के नेता बिना किसी सबूत के गृह मंत्री पर इतना गंभीर आरोप नहीं लगा सकते। उन्होंने राहुल गांधी से सबूत पेश करने, अपने शब्द वापस लेने और सदन से माफी मांगने की मांग की। रिजिजू ने स्पष्ट किया कि जब तक आरोप साबित नहीं होते या माफी नहीं मांगी जाती, तब तक बहस आगे नहीं बढ़ेगी।
हंगामे को देखते हुए राहुल गांधी ने जब भाषण रोकने और बैठने की बात कही, तो संसदीय कार्य मंत्री ने उनसे असंसदीय शब्दों का प्रयोग न करते हुए भाषण जारी रखने का आग्रह किया। इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हस्तक्षेप करते हुए सत्ता पक्ष के नेताओं से राहुल गांधी को अपनी बात पूरी करने देने का अनुरोध किया। साथ ही, उन्होंने स्पीकर ओम बिरला से विवादित शब्दों को रिकॉर्ड से हटाने की मांग की, जिसके बाद उन टिप्पणियों को कार्यवाही से हटा दिया गया।
इससे पहले जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवाओं ने बिना हिंसा और नफरत के अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं, जिसका सभी राजनीतिक दलों को सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा के नेता अपने बच्चों से पूछेंगे, तो उन्हें भी इस पर सहमति मिलेगी और हर भारतीय को इस अभिव्यक्ति पर गर्व होना चाहिए।


















