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जेओए आईटी पेपर लीक मामला: सरकार ने की एसआईटी गठित, जी सिवाकुमार को जाँच का सौंपा जिम्मा

हिमाचल सरकार का बड़ा फैसला: कर्मचारी चयन आयोग निलंबित,लंबित भर्ती प्रक्रियाओं पर अगले आदेश तक रोक

शिमला|
सतर्कता विभाग ने कनिष्ठ कार्यालय सहायक (जेओए) (आईटी) परीक्षा का पेपर लीक होने के मामले में शनिवार को हिमाचल प्रदेश राज्य कर्मचारी चयन आयोग (एचपीएसएससी) के एक कर्मचारी समेत छ:लोगों को गिरफ्तारी के बाद हिमाचल सरकार ने मामले की जाँच के लिए एसआईटी का गठन किया है। डीआईजी जी सिवाकुमार एसआईटी टीम का नेतृत्व करेंगे। उनके साथ तीन एसपी राहुल नाथ, अंजुम आरा, बलवीर सिंह भी जांच में सहयोग करेंगे।

चार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और तीन उप पुलिस अधीक्षक भी एसआईटी टीम में होंगे। यह सभी पेपर लीक मामले में जांच करेंगे जिसकी जानकारी रोजाना सरकार को मुहैया करवाई जाएगी। एक अलग से तकनीकी टीम भी गठित की गई है जो तकनीकी पहलुओं से जांच को आगे बढ़ाएगी।

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जानिए क्या है मामला
सतर्कता विभाग को एक व्यक्ति की तरफ से शिकायत मिली थी कि संजय नाम के एक दलाल ने प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने के लिए उससे संपर्क किया था। शिकायत मिलने के बाद विभाग ने जाल बिछाया। दलाल ने शिकायतकर्ता से एनआईटी हमीरपुर में मिलने के लिए कहा, जहां से वह उसे एचपीएसएससी की गोपनीयता शाखा की वरिष्ठ अधीक्षक उमा आजाद के घर ले गया। उन्होंने कहा कि दलाल और अधिकारी को वहीं पकड़ लिया गया। अधिकारियों के मुताबिक, “आजाद के घर से कुल 2.50 लाख रुपये और हल किए गए प्रश्न पत्र बरामद किए गए। उनका कंप्यूटर भी जब्त कर लिया गया।”
उन्होंने बताया कि दलाल को ऑनलाइन भुगतान करने वाले कुछ अन्य लोगों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

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