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Himachal: एचआरटीसी के बेड़े में जल्द शामिल होंगी 700 नई बसें, 600 करोड़ रुपये की लागत से होगी खरीद.!

Published on: 22 February 2025
Himachal: एचआरटीसी के बेड़े में जल्द शामिल होंगी 700 नई बसें, 600 करोड़ रुपये की लागत से होगी खरीद.!

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के निदेशक मंडल की बैठक में नई बसों की खरीद को मंजूरी मिल गई है। शनिवार को उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में एचआरटीसी के बेड़े में 700 नई बसें शामिल करने का फैसला लिया गया। इनमें डीजल, वोल्वो और इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं। इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए राज्य मंत्रिमंडल के पास भेजा जाएगा। बसों की खरीद पर करीब 600 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

बैठक में लिए गए प्रमुख फैसले

निदेशक मंडल की बैठक के फैसलों की जानकारी देते हुए उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि बैठक में एचआरटीसी के लिए कई अहम फैसले लिए गए। इनमें 100 नई मिनी बसें (टैंपो ट्रेवलर), 24 सुपर लग्जरी बसें, 250 डीजल बसें (37 सीटर) और 297 इलेक्ट्रिक बसें (टाइप-1) खरीदने को मंजूरी दी गई। इलेक्ट्रिक बसें अगले चार महीनों में चालू हो जाएंगी।

इसके अलावा, बद्दी और बिलासपुर में नए बस अड्डे बनाने की योजना पर भी सहमति बनी। एचआरटीसी के लिए चार क्रेन और दो क्विक रिस्पांस व्हीकल खरीदने का भी फैसला लिया गया। इन वाहनों का उद्देश्य बसों के खराब होने पर तुरंत मरम्मत करना है, ताकि यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो।

पुरानी बसों को हटाने का काम जारी

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देशानुसार 15 साल पुरानी बसों को हटाया जा रहा है। नई बसों के आने से एचआरटीसी की सेवाओं में सुधार होगा और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि बद्दी और बिलासपुर में नए बस अड्डे जल्द बनाए जाएंगे, जिससे यातायात व्यवस्था और सुगम होगी।

वित्तीय स्थिति पर चर्चा

मुकेश अग्निहोत्री ने बैठक में हिमाचल प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार की वजह से राज्य की वित्तीय स्थिति खराब हुई है। जीएसटी मुआवजा बंद हो गया है, जिससे राज्य को आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद, पिछले दो सालों में कर्मचारियों और पेंशनरों को समय पर वेतन और पेंशन दी गई है।

उन्होंने विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार ने एचआरटीसी के 10 करोड़ रुपये के किराए का भुगतान नहीं किया, जो उनकी रैलियों और जनसभाओं के लिए इस्तेमाल हुआ था। मुकेश ने कहा, “आज विपक्ष को एचआरटीसी की चिंता हो रही है, जबकि पिछले पांच सालों में उन्होंने कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों की अनदेखी की।”

बैठक में मौजूद रहे अधिकारी

इस बैठक में एचआरटीसी के नवनियुक्त उपाध्यक्ष अजय वर्मा और अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी नजीम भी मौजूद रहे। बैठक में एचआरटीसी की वित्तीय देनदारियों और भविष्य की योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

नई बसों से यात्रियों को मिलेगा लाभ

नई बसों के आने से यात्रियों को अधिक सुविधाएं मिलेंगी। इलेक्ट्रिक बसों के चालू होने से पर्यावरण को भी फायदा होगा। इसके अलावा, नए बस अड्डों के निर्माण से यातायात व्यवस्था और सुगम होगी। एचआरटीसी के अधिकारियों का कहना है कि नई बसों और सुविधाओं के साथ हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन का नया अध्याय शुरू होगा।

अगले चरण की तैयारी

अब नई बसों की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इलेक्ट्रिक बसों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि पर्यावरण को कम से कम नुकसान हो। एचआरटीसी के अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि राज्य के परिवहन क्षेत्र में एक नई क्रांति आएगी।

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