Himachal News: सिरमौर ज़िले के पच्छाद विधानसभा क्षेत्र के सराहां में मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार हल्दी, गेहूं, मक्का और दूध पर भी MSP लागू किया है और अब अदरक पर भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price on Ginger) प्रदान किया जाएगा। जिससे ग्रामीण लोगों और किसानों किसानों की आर्थिकी मजबूत होगी।
उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश में अदरक (Ginger) की खेती मुख्य रूप से निचले और मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में होती है, जहाँ जलवायु गर्म और नम रहती है। बता दें कि हिमाचल प्रदेश भारत में अदरक उत्पादन में दूसरे स्थान पर है। राज्य में अदरक उत्पादन में सिरमौर जिला सबसे आगे है इसके अलावा मंडी, सोलन , कुल्लू, कांगड़ा बिलासपुर, चंबा ऊना जिलों में सहित कुछ अन्य क्षेत्रों में खेती होती है।
अदरक पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) मिलने से इन जिलों के हजारों किसानों को सीधा फायदा होगा, क्योंकि बाजार में कम दाम मिलने पर भी सरकार तय मूल्य पर खरीद करेगी। इससे किसानों की आय स्थिर होगी और खेती को बढ़ावा मिलेगा।
इससे पहले सुक्खू सरकार ने प्राकृतिक खेती (natural farming) के तहत हल्दी, गेहूं, मक्का और दूध पर भी MSP लागू किया था। अदरक पर भी MSP देने की घोषणा से किसानों को राहत मिलेगी, खासकर सिरमौर और सोलन के निचले इलाकों में जहां अदरक मुख्य फसल है।
सराहां में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। एक वर्ष के भीतर सराहां अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती की जाएगी साथ ही अल्ट्रासाउंड मशीन भी स्थापित होगी।
उन्होंने सराहां में सीबीएसई स्कूल खोलने और सराहां-चंडीगढ़ सड़क मार्ग को डबललेन करने की भी घोषणा की। उन्होंने कांग्रेस नेता दयाल प्यारी और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगू राम मुसाफिर की मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. वाई एस परमार को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने हिमाचल प्रदेश के लोगों के हितों की रक्षा के लिए धारा 118 का प्रावधान किया और वर्तमान राज्य सरकार भी उन्हीं के पद चिन्हों पर चल रही है।
वर्तमान राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दिन रात प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा ‘‘कुछ भी हो, मैं चुनौतियों का मुकाबला करने और जीतने की क्षमता रखता हूं।’’ आपदा प्रभावितों की मदद के लिए राज्य सरकार ने कानून बदल दिया और पूरी तरह से घर क्षतिग्रस्त होने पर मिलने वाली डेढ़ लाख रुपए की आर्थिक सहायता को आठ लाख रुपए कर दिया।
उन्होंने कहा कि हिमाचल के युवा सेना में जाकर देश सेवा करते हैं लेकिन अग्निवीर योजना लागू कर हिमाचल के युवाओं के साथ धोखा किया गया है। यही नहीं केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम ही नहीं बदला बल्कि इस योजना की आत्मा को ही मार दिया, जो कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सोच का परिणाम थी।
सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने सबसे पहली योजना उन बच्चों के लिए बनाई, जिनका पालन-पोषण करने वाला कोई नहीं था। उन्हें सिर्फ सहानुभूति मिलती थी लेकिन राज्य सरकार ने कानून बनाकर 6,000 अनाथ बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के रूप में अपनाया, जहां 27 वर्ष की आयु पूरा होने तक सरकार ही उनकी माता व पिता होगी। अब राज्य सरकार ने विधवा महिलाओं के बच्चों को भी प्रदेश से बाहर शिक्षा हासिल करने के लिए आर्थिक मदद देने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा “गरीब और युवाओं का दर्द महसूस करना ही व्यवस्था परिवर्तन है।” उन्होंने कहा कि बद्दी-नालागढ़ में पूर्व भाजपा सरकार ने 5,000 हजार करोड़ रुपए की जमीन कौड़ियों के भाव दे दी। इसके अलावा चुनाव से पहले पूर्व भाजपा सरकार ने पांच हजार करोड़ रुपए की रेवड़ियां सिर्फ चुनाव जीतने के लिए बांट दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओपीएस को बंद करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है लेकिन प्रदेश सरकार झुकेगी नहीं।
इससे पहले सीएम सुक्खू ने लगभग 32 करोड़ रुपये की लागत की 7 विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास किए। उसके बाद उन्होंने सराहां में एक विशाल जनसभा को संबोधित भी किया।
मुख्यमंत्री ने 1.44 करोड़ रुपये की लागत से सहायक जिला न्यायवादी राजगढ़ के लिए कार्यालय सह आवासीय भवन, 1.98 करोड़ रुपये की लागत से नोहरी में उप-तहसील भवन, 5.74 करोड़ रुपये की लागत से थानी-थामनी-खरीमू सड़क, 4.73 करोड़ रुपये की लागत से उठाऊ पेयजल योजना लाना भलटा लोह, ग्राम पंचायत लाना भलटा तथा 1.66 करोड़ रुपये की लागत से बडगला मार्ग से होकर राजगढ़-यशवंत नगर सड़क का उद्घाटन किया।
सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने 14.13 करोड़ रुपये की लागत से जिला सिरमौर में चाबयोगा से सालमु के बीच गिरी नदी पर वाहन योग्य पुल तथा 2.15 करोड़ रुपये की लागत से राजगढ़ स्थित लोक निर्माण विभाग कॉलोनी में टाइप-2 आवासीय क्वार्टरों के निर्माण कार्य का शिलान्यास भी किया।
















