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Himachal: स्कूलों में जादू शो की अनुमति, फिर वापसी, अब डिप्टी डायरेक्टर से मांगा स्पष्टीकरण…जाने क्या है पूरा मामला?

Published on: 12 March 2025
Himachal: स्कूलों में जादू शो की अनुमति, फिर वापसी, अब डिप्टी डायरेक्टर से मांगा स्पष्टीकरण...जाने क्या है पूरा मामला?

Himachal News: सरकारी स्कूलों में जादू शो आयोजित करने और उससे होने वाली आय का 30 प्रतिशत मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करने के लिखित आदेश जारी होने के कुछ ही घंटों बाद यह आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसके बाद इसको  लेकर सरकार की एक बार फिर खूब फजीहत होने लगी, जिससे उसकी छवि को नुकसान पहुंचा है।

मामला उच्च अधिकारयों के संज्ञान में आने के बाद सरकार ने इस मामले में डिप्टी डायरेक्टर से स्पष्टीकरण मांगा है और आदेश को रद्द भी कर दिया है। खुद शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर को इस मामले पर प्रतिक्रिया देने मीडिया के सामने आना पड़ा।

क्या था पूरा मामला?

दरअसल, 11 मार्च को हमीरपुर के डिप्टी डायरेक्टर एलिमेंटरी एजुकेशन ने एक आदेश जारी किया, जिसमें मंडी जिले के बरोट के जादूगर बलवीर सिंह को हमीरपुर जिले के सरकारी स्कूलों में जादू शो आयोजित करने की अनुमति दी गई। इस आदेश में कहा गया कि जादू शो से होने वाली आय का 30 प्रतिशत हिस्सा मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा किया जाएगा। साथ ही, यह भी दावा किया गया कि जादूगर बच्चों को अंधविश्वास, जमाखोरी, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसे मुद्दों पर जागरूक करेंगे।

सोशल मीडिया पर मचा बवाल

जैसे ही यह आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, लोगों ने इसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। कई लोगों ने सरकार पर स्कूली शिक्षा को हल्के में लेने का आरोप लगाया, तो कुछ ने इसे सरकारी संसाधनों की बर्बादी बताया। सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई,।

शिक्षा मंत्री ने मामले पर दी अपनी प्रतिक्रिया 

मामला सरकार के संज्ञान में आने के बाद शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि डिप्टी डायरेक्टर द्वारा इस तरह का आदेश जारी करने का कोई मतलब नहीं था। उन्होंने बताया कि जैसे ही सरकार को इसकी जानकारी मिली, आदेश को तुरंत रद्द कर दिया गया। साथ ही, डिप्टी डायरेक्टर से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि जादू शो करना कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस तरह के आदेश जारी करने का कोई औचित्य नहीं था। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर है, न कि ऐसे कार्यक्रमों पर। मंत्री ने कहा कि, सरकार ने इस मामले में डिप्टी डायरेक्टर से स्पष्टीकरण मांगा है और आदेश को रद्द कर दिया है।

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