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Shimla News: मनीषा मित्तल हत्याकांड में आज खुलेगा खौफनाक वारदात का असली राज, जयराम बोले-“सुरक्षा दी होती तो नहीं जाती जान…”

Shimla School Director Manisha Mittal Murder Case: शिमला में निजी स्कूल निदेशक मनीषा मित्तल की हत्या के मामले में हरियाणा से गिरफ्तार दो शूटरों को पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच शिमला पहुंचा दिया है, जहां आज उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा।
Published on: 16 June 2026
Shimla Murder Case: Shimla News: Shimla School Director Manisha Mittal Murder Case

Shimla News Today: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के बहुचर्चित मनीषा मित्तल हत्याकांड में पुलिस की जांच तेज हो गई है। गिरफ्तार किए गए दोनों शूटरों को पुलिस की विशेष टीम शिमला पहुंचा चुकी है। पुलिस इन दोनों आरोपियों को मंगलवार दोपहर बाद स्थानीय न्यायालय में पेश करेगी। पुलिस द्वारा अदालत से आरोपियों की रिमांड मांगी जाएगी ताकि उनसे विस्तृत पूछताछ की जा सके।

रिमांड मिलने के बाद पुलिस हत्या के पीछे छिपे मुख्य साजिशकर्ताओं और वारदात के बाद सबूत मिटाने की कोशिशों का पता लगाने का प्रयास करेगी। इस संवेदनशील मामले में पुलिस कॉन्ट्रैक्ट किलिंग और आपसी रंजिश के एंगल से भी गहराई से जोड़कर देख रही है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की आपराधिक पृष्ठभूमि बेहद गंभीर है और उनके खिलाफ अवैध वसूली सहित कई मामले पहले से दर्ज हैं।

पुलिस इस मामले में संपत्ति विवाद सहित हर पहलू की गहनता से जांच कर रही है। हालांकि, अभी तक यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मनीषा मित्तल की हत्या के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है। पुलिस को उम्मीद है कि शूटरों से सघन पूछताछ के बाद इस पूरे मामले की परतें खुल सकेंगी।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शिमला, अभिषेक ने इस बात की पुष्टि की है कि दोनों शूटरों को पुलिस शिमला ले आई है और उन्हें आज दोपहर बाद अदालत में पेश किया जा रहा है। पुलिस द्वारा रिमांड की मांग की जाएगी ताकि आरोपियों से गहन पूछताछ की जा सके और इस हत्या के षड्यंत्र में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके। इसके साथ ही, पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि क्या हत्यारों ने वारदात को अंजाम देने के बाद किसी भी तरह के तकनीकी या भौतिक साक्ष्यों को नष्ट करने का प्रयास किया था।

उल्लेखनीय है कि संजौली स्थित सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल की निदेशक मनीषा मित्तल की हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 40 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को हरियाणा से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान 22 वर्षीय आशीष अहलावत, निवासी दुजाना गांव, झज्जर और 25 वर्षीय दीपक उर्फ दीपक बुढ़वार, निवासी सुनारिया खुर्द, रोहतक के रूप में हुई है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दोनों आरोपी पेशेवर शूटर हैं। आरोपी आशीष पर पहले से रंगदारी का मामला दर्ज है, जबकि दीपक पर आर्म्स एक्ट, रंगदारी और मारपीट समेत कई गंभीर केस दर्ज हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मनीषा मित्तल की हत्या के आरोपी दोनों शूटर पुलिस को चकमा देने के लिए लगातार वर्चुअल नंबरों का इस्तेमाल कर रहे थे। इसके बावजूद, पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और गहन जांच के दम पर दोनों को 39 घंटे के भीतर ही दबोच लिया।

बता दें कि इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए 10 विशेष टीमों का गठन किया गया था। जांच में पता चला है कि हत्या के लिए इस्तेमाल की गई दोनों पिस्तौल भारत में बनी देसी पिस्तौल हैं। पुलिस अब उन दोनों वर्चुअल नंबरों को बरामद करने का प्रयास कर रही है। जिस तरह से इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया है, उससे पुलिस को शक है कि वारदात से पहले पूरी योजना बनाई गई थी और संचालिका के बारे में हर बारीक जानकारी जुटाई गई थी।

शूटरों को उनके स्कूल परिसर से बाहर आने-जाने के समय की सटीक जानकारी थी, जिससे पूरे क्षेत्र की रेकी किए जाने की प्रबल आशंका है। हरियाणा से संबंध रखने वाले इन दोनों शूटरों ने स्कूल तक पहुंचने के रास्तों और वारदात के बाद भागने के रूट पर भी बारीकी से काम किया था। आरोपियों की कोशिश थी कि वे नेशनल हाईवे समेत मुख्य मार्गों का इस्तेमाल न करें, क्योंकि उन्हें आभास था कि वे मुख्य सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जद में आ सकते हैं।

यहां गौर करने वाली बात  यह है कि मृतका मनीषा मित्तल लंबे समय से संपत्ति विवाद को लेकर अपनी जान को खतरा बता चुकी थीं। उन्होंने इस विवाद को लेकर पुलिस को भी कई शिकायतें दी थीं। हालांकि, पुलिस के मुताबिक सभी शिकायतें सिविल नेचर की थीं और एक मामले में कलंदरा बनाकर अदालत में पेश किया गया था। हत्याकांड के समय पुलिस के हाथ पूरी तरह से खाली थे। प्रारंभिक जांच में सोशल मीडिया पर उनके पुराने वीडियो सामने आए, जिसमें उन्होंने संपत्ति विवाद समेत कई लोगों से खुद को खतरे की बात कही थी।

अब तक इस हत्याकांड में शामिल आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की दस से अधिक टीमों ने सीसीटीवी फुटेज के जरिये हजारों वाहनों की सघन जांच की। एक टीम लगातार सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी रही, जबकि कई टीमें स्कूल परिसर के बाहर स्पॉट की जांच और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही थीं। इसके साथ ही कई टीमों को पंजाब और हरियाणा में आरोपियों की तलाश के लिए भेजा गया था।

इसके अलावा पुलिस ने जांच के दौरान मृतका के भाई और शक के दायरे में आए अन्य लोगों सहित 15 से अधिक व्यक्तियों से पूछताछ की है। स्थानीय लोगों ने इस मामले की गहनता से छानबीन की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके, क्योंकि ऐसी घटनाओं से हिमाचल जैसे शांत इलाकों में दहशत पैदा होती है।

जयराम ठाकुर ने सीएम सुक्खू को घेरा! बोले – “सुरक्षा दी होती तो नहीं जाती जान…”
दूसरी तरफ, इस निर्मम हत्या के बाद प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। मंडी में पत्रकारों से बात करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि सरकार और पुलिस विभाग ने गंभीरता दिखाई होती, तो इस दुखद हत्या को समय रहते रोका जा सकता था। उन्होंने जोर दिया कि मृतका ने पहले ही अपनी जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई थी।

जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि गृह विभाग मुख्यमंत्री के पास है और कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस तरह की वारदातें लगातार हो रही हैं, लेकिन सरकार कोई ठोस कार्रवाई करने के बजाय निष्क्रिय बैठी हुई है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार को केवल सत्ता की चिंता है, न कि आम नागरिकों की सुरक्षा की, जिसके कारण आज जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है।

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