Himachal Forest Fire: हिमाचल प्रदेश में लगातार बढ़ रहे तापमान के बीच जंगलों में आग लगने की घटनाएं चिंता का बड़ा कारण बनती जा रही हैं। राज्य के अलग-अलग हिस्सों से लगातार सामने आ रहे मामलों ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। क्योंकि अब तक प्रदेश में जंगलों में आग लगने के 200 से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
वन विभाग प्रमुख संजय सूद ने बताया कि इन घटनाओं से करीब 2900 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। आग की वजह से जंगलों को भारी नुकसान पहुंचा है और अब तक करीब 67 लाख रुपये की क्षति का आकलन किया गया है। सबसे ज्यादा असर मंडी जिले में देखने को मिला है, जहां जंगलों में आग लगने के 85 मामले सामने आए हैं।
इसके अलावा धर्मशाला में 56, शिमला में 10 और सोलन में छह मामले दर्ज किए गए हैं। लगातार बढ़ती गर्मी और सूखे हालात आग की घटनाओं को और बढ़ावा दे रहे हैं। वन विभाग के मुताबिक, फॉरेस्ट फायर मैनेजमेंट योजना के तहत प्रदेश को करीब आठ करोड़ रुपये की राशि मिली है। हालांकि फिलहाल यह बजट केवल मंडी, बिलासपुर और ऊना जिलों के लिए स्वीकृत किया गया है।
विभाग ने केंद्र सरकार से मांग की है कि अन्य संवेदनशील जिलों को भी इस योजना में शामिल किया जाए, ताकि आग की घटनाओं से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके। वहीं, जंगलों को आग से बचाने के लिए इस बार करीब 3000 किलोमीटर लंबी फायर लाइन का रखरखाव भी किया गया है। वन विभाग लगातार निगरानी और बचाव कार्यों में जुटा हुआ है।
कसौली में भड़की आग की पूरे देश में चर्चा
उधर, हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले की पर्यटन नगरी कसौली के साथ लगते घने जंगलों में लगी भीषण आग ने बुधवार शाम से हालात बेहद गंभीर कर दिए। सोमावर शाम को जंगलों में भड़की आग इतनी तेजी से फैली कि उसकी लपटें एयरफोर्स स्टेशन कसौली के बेहद करीब पहुंच गईं। स्थिति को बिगड़ता देख प्रशासन को तुरंत सेना से मदद मांगनी पड़ी।
आग बुझाने के लिए भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर को अभियान में लगाया गया। सेना का हेलीकॉप्टर चंडीगढ़ की सुखना लेक से लगातार पानी भरकर आग प्रभावित इलाकों में गिराता रहा। यह हवाई अभियान मंगलवार और से शुरू हुआ और बुधवार रात तक लगातार चलता रहा। हालांकि प्रशासन की ओर से 15 घंटे में आग पर काबू पाने के दावे किए गए, लेकिन बुधवार रात को भी जंगल के दूसरी ओर आग धधकती रही।
बताया जा रहा है कि एक तरफ आग पर नियंत्रण पा लिया गया था, लेकिन दूसरी तरफ जंगलों में आग लगातार फैलती रही और इससे वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा। रात के अंधेरे में भी सेना के हेलीकॉप्टर आग बुझाने के काम में जुटे रहे।
स्थानीय लोगों के अनुसार जंगेशू क्षेत्र की तरफ से चीड़ की सूखी पत्तियों में अचानक आग लग गई। भीषण गर्मी के कारण सूख चुकी चीड़ की पत्तियां बारूद की तरह आग पकड़ती चली गईं। देखते ही देखते आग ने बड़े इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। तेज हवाओं और गर्म मौसम ने हालात को और खतरनाक बना दिया। आग कुछ ही घंटों में कई किलोमीटर तक फैल गई। जंगलों में उठती ऊंची लपटों और धुएं के गुबार ने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया।
प्रशासन, वन विभाग और सेना की टीमों ने पूरी रात मोर्चा संभाले रखा। हालांकि आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने के प्रयास लगातार जारी हैं। यह आगजनी इतनी भयानक थी कि इसके वीडियो सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगे और देश भर के मीडिया में चर्चा का विषय बन गई। ध्यान रहे कि कसौली अपनी खूबसूरती के लिए जानी जाती है और हज़ारों लोग यहाँ साल भर घूमने आते रहते हैं, लेकिन इस बार आग ने सब कुछ बदल कर रख दिया।

















