Himachal Police Updates: हिमाचल प्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल और वित्तीय प्रबंधन को लेकर राज्य सरकार एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। आईएएस और आईएफएस अधिकारियों के कैडर पदों में कटौती करने के बाद, अब सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार पुलिस विभाग के आला अधिकारियों के पद घटाने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इसके स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जल्द ही पुलिस के उच्च पदों की संख्या को कम किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने यह बातें शिमला के ओक ओवर में आयोजित ‘हिमाचल प्रदेश पुलिस भूतपूर्व सैनिक सम्मान समारोह’ के दौरान संबोधित करते हुए कहीं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस फैसले के पीछे का तर्क स्पष्ट करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में वर्तमान समय में कई ऐसे पद हैं, जिनकी जरूरत काफी कम है।
उन्होंने बताया कि विभाग में कई जगह काम एक ही होने के बावजूद अलग-अलग पद सृजित किए गए हैं। इसी विसंगति को दूर करने के लिए राज्य सरकार का प्रयास है कि उच्च अधिकारियों के अनावश्यक पदों को कम किया जाए। इसके साथ ही सरकार की योजना है कि उच्च स्तर पर कटौती कर निचले स्तर पर पुलिस कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया को बढ़ावा दिया जाए, ताकि जमीनी स्तर पर बल को मजबूत किया जा सके।
इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक स्तर पर बातचीत भी शुरू कर दी है। सीएम सुक्खू ने कार्यक्रम के दौरान सार्वजनिक रूप से बताया कि उन्होंने इस विषय पर राज्य के कार्यकारी मुख्य सचिव केके पंत और कार्यकारी डीजीपी अशोक तिवारी से विस्तृत चर्चा की है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे और इस प्रक्रिया से जुड़े सभी अंतिम फैसले अधिकारियों के साथ बैठक कर आपसी सहमति से ही लिए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि पुलिस विभाग से पहले हिमाचल प्रदेश सरकार ने नौकरशाही को सुव्यवस्थित करने के नाम पर प्रशासनिक और वन सेवा के अधिकारियों के पदों में बड़ी कटौती की थी। हाल ही में लिए गए फैसले के तहत राज्य में आईएएस अधिकारियों की स्वीकृत संख्या को 153 से घटाकर 147 कर दिया गया था। इसी तरह, आईएफएस (भारतीय वन सेवा) अधिकारियों की संख्या को भी 114 से घटाकर सीधे 83 पर ला दिया गया।
सरकार के आंतरिक अनुमानों के अनुसार, इन उच्च पदों को कम करने से प्रति अधिकारी सालाना लगभग 45 से 50 लाख रुपये के खर्च की बचत होगी। इस बचाई गई राशि को राज्य की विभिन्न विकास योजनाओं और जन-कल्याणकारी स्कीमों में इस्तेमाल करने की योजना है। शिमला में आयोजित इसी भूतपूर्व सैनिक सम्मान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस बल और भूतपूर्व सैनिकों को ईमानदारी से काम करने की नसीहत भी दी।
उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि कुछ लोग प्रलोभन, दबाव या अपने प्रभाव का उपयोग कर हिमाचल प्रदेश पुलिस एवं भूतपूर्व सैनिकों की निष्ठा और ईमानदारी को प्रभावित करने का प्रयास कर सकते हैं। सीएम ने दोहरे रुख के साथ स्पष्ट किया कि बल के कर्मियों को ऐसे किसी भी प्रलोभन या दबाव के आगे झुकने या झांसे में आने की आवश्यकता नहीं है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने मंच से कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार अनुचित दबाव डालने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई अमल में लाएगी। उन्होंने पुलिस बल और भूतपूर्व सैनिकों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी निष्ठा, ईमानदारी और निष्पक्षता की रक्षा के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। सरकार के इस नए कदम से प्रशासनिक गलियारों के साथ-साथ पुलिस महकमे में भी चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।

















