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Himachal Lottery Restart 2026: हिमाचल में 26 साल बाद फिर शुरू हो सकती है लॉटरी, सरकार को 100 करोड़ तक की कमाई होने की उम्मीद

HP State Lottery: हिमाचल सरकार ने केंद्र के अनुदान बंद होने के बाद राजस्व बढ़ाने के लिए लॉटरी दोबारा शुरू करने की तैयारी तेज कर दी है। मंत्रिमंडलीय उप-समिति गठित की गई है, जो एक महीने में रिपोर्ट देगी।
Himachal Lottery Restart 2026: हिमाचल में 26 साल बाद फिर शुरू हो सकती है लॉटरी, सरकार को 100 करोड़ तक की उम्मीद

Himachal Lottery Restart 2026: हिमाचल सरकार ने केंद्र के अनुदान बंद होने के बाद राजस्व बढ़ाने के लिए तैयारी तेज कर दी है। जिससे राज्य में अब फिर से लॉटरी शुरू होने की संभावना मजबूत हो गई है। लगभग 26 साल बाद राज्य सरकार इस दिशा में तेजी से काम कर रही है।

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने राजस्व घाटा अनुदान बंद कर दिया है, जिसके कारण राज्य को अपने संसाधन खुद जुटाने पड़ रहे हैं। ऐसे में सरकार ने लॉटरी को अतिरिक्त आय का अच्छा जरिया माना है। जानकारों के अनुसार अनुमान लगाया जा रहा है कि अगर लॉटरी शुरू हो जाती है तो प्रदेश को हर साल 75 से 100 करोड़ रुपये तक की कमाई हो सकती है।

इस काम के लिए सरकार ने एक मंत्रिमंडलीय उप-समिति बना दी है। इस समिति की अध्यक्षता उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान कर रहे हैं। इसमें ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह और नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी भी सदस्य हैं। कोषागार के निदेशक को इस समिति का सदस्य सचिव बनाया गया है। सरकार ने इसके लिए अधिसूचना भी जारी कर दी है।

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समिति को सिर्फ एक महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी। रिपोर्ट मिलने के बाद 18 मार्च से शुरू होने वाले विधानसभा के बजट सत्र में लॉटरी शुरू करने का विधेयक पेश किया जा सकता है। अगर विधेयक पास हो जाता है तो प्रदेश में लॉटरी फिर से औपचारिक रूप से चलने लगेगी। समिति नियम बनाने के साथ-साथ निविदा के दस्तावेज भी तैयार करेगी।

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बता दें कि साल 1999 में तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल की सरकार ने लॉटरी पर रोक लगा दी थी। उस समय कहा गया था कि लखपति बनने की लालच में कई परिवार आर्थिक परेशानी में फंस जाते हैं। युवा और महिलाएं भी इसकी चपेट में आ रहे थे। इसलिए सामाजिक नुकसान को देखते हुए इसे बंद किया गया था।

अब मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की सरकार ने पिछले साल जुलाई में मंत्रिमंडल की बैठक में लॉटरी दोबारा शुरू करने का फैसला लिया था। तब तक केंद्र से अनुदान मिल रहा था, लेकिन अब अगले वित्तीय वर्ष से यह मदद पूरी तरह बंद हो जाएगी। प्रदेश पर एक लाख चार हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज है। ऐसे में अतिरिक्त पैसे जुटाना बहुत जरूरी हो गया है।

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बता दें कि देश में अभी भी कई राज्य लॉटरी चला रहे हैं और अच्छी कमाई कर रहे हैं। पड़ोसी राज्य पंजाब ने पिछले साल लॉटरी से 230 करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व कमाया। वहीं केरल हर साल लगभग एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की कमाई लॉटरी के जरिए करता है। हिमाचल सरकार भी इसी राह पर चलकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करना चाहती है।

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