Himcare Scheme: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे चरण की आठवीं बैठक में आज भारी गहमागहमी देखने को मिली। हिमकेयर योजना को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई, जिसमें मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष ने एक-दूसरे पर गंभीर सवाल उठाए। विपक्ष ने आरोप लगाते हुए पूछा कि क्या सुक्खू सरकार हिमकेयर योजना को बदनाम कर बंद करना चाहती हैं, आप स्पष्ट करें कि क्या आप हिमकेयर योजना को बंद करने जा रहे हैं।
सदन की कार्यवाही के दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार को घेरते हुए कहा कि हिमकेयर योजना में हम मुकाबला करने को तैयार हैं, लेकिन बात तथ्य और सच्चाई पर हो। हमारी सरकार के समय से ज्यादा पैसा आपकी सरकार में खर्च हुआ है। क्या आप इसकी भी जांच करेंगे। उन्होंने कहा कि हिमकेयर योजना की निष्पक्ष जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से कराई जानी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री के उस दावे पर भी सवाल उठाया जिसमें 100 करोड़ रुपये के घोटाले की बात कही गई थी।
जयराम ठाकुर ने तर्क दिया कि जब अभी जांच पूरी ही नहीं हुई है, तो सरकार किसी नतीजे पर कैसे पहुंच गई? उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में प्रति मरीज खर्च 11 हजार से बढ़कर 14 हजार रुपये हो गया है। उन्होंने सरकार से सीधा सवाल किया कि क्या इस बढ़े हुए खर्च की भी जांच होगी और पूछा कि क्या सरकार इस जनहित योजना को बंद करने की तैयारी में है?
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इन आरोपों का कड़ा जवाब देते हुए कहा कि ऑडिट की शुरुआती रिपोर्ट में करीब 100 से 110 करोड़ रुपये के घोटाले की आशंका जताई गई है। उन्होंने सदन में कुछ हैरान करने वाले उदाहरण भी दिए और कहा कि योजना के क्रियान्वयन में भारी लापरवाही बरती गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सदन में दावा किया कि,”हिमकेयर योजना से मर्दों के बच्चेदानी के भी ऑपरेशन हो गए।” जो सवालिया इस पर निशान लगाता है
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि विजिलेंस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर भविष्य में जनता के हित के लिए हिमकेयर से बेहतर किसी नई योजना की जरूरत पड़ी, तो सरकार उसे लाने में पीछे नहीं हटेगी।


















