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जब हिमाचल सरकार और प्रशासन से नही मिली मदद तो परिजनों ने खुद ही लगाई शहीद की प्रतिमा, खोला म्यूजियम

जब हिमाचल सरकार और प्रशासन से नही मिली मदद तो परिजनों ने खुद ही लगाई शहीद की प्रतिमा, खोला म्यूजियम

प्रजासत्ता|
देवभूमि हिमाचल में भी बहुत से शहीद हुए जवान है जिनकी शाहदत पर सीएम सहित मंत्रियों नेताओं द्वारा बड़े-बड़े वादे तो किये जाते रहें हैं| सरकार और नेताओं द्वारा सड़क, स्कूल को शहीदों के नाम का दर्जा,गांव में स्वास्थ्य केंद्र खोलने, शहीद स्मारक, सामुदायिक भवन इसके अलावा परिवार के सद्स्यों को मदद के लिए अश्वासन न जाने और क्या क्या घोषणाएं कर जाते हैं| लेकिन उनको पूरा करवाने के लिए शहीदों के परिजनों को दर-दर पर नाक रगड़ने पर मजबूर होना पड़ता है|

सरकार और नेता भले ही अपने किये वादों को भूल जाए लेकिन कुल्लू जिला का एक परिवार ऐसा है भी है जिसने अपने ही दम अपने शहीद हुए बेटे की प्रतिमा स्थापित कर सरकारों और नेताओं को जोरदार तमाचा लगा दिया है| बता दें कि जम्मू एवं कश्मीर के कुपवाड़ा में बीते साल पांच अप्रैल को कुल्लू का कमांडो एक आतंकी हमले में शहीद हो गया था|सरकार ने आश्वासन दिया था कि शहीद के नाम पर कुल्लू बस स्टेंड और कॉलेज का नामकरण किया जाएगा| लेकिन एक साल बीतने के बाद भी सरकार ने कोई पहल नहीं की है|अब परिजनों ने खुद ही बीड़ा उठाते हुए घर के आंगन में शहीद की प्रतिमा और म्यूजियम खोला है|

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जब हिमाचल सरकार और प्रशासन से नही मिली मदद तो परिजनों ने खुद ही लगाई शहीद की प्रतिमा, खोला म्यूजियम
दरअसल, अब 4 अप्रैल 2021 को परिजनों ने शहीद पैरा ट्रूप्पर कमांडो बालकृष्ण की याद में पैतृक गांव पूईद में घर में प्रतिमा का अनावरण किया| इसमें स्टेशन कमांडर पलचान कर्नल नरेश बरमोला ने प्रतिमा का पूजा-अर्चना के बाद अनावरण किया| शहीद बालकृष्ण के पिता महेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार और प्रशासन से मांग की थी है कि शहीद के नाम से महाविद्यालय, अस्पताल, बस स्टैंड, चौक का नामकरण किया जाए. डीसी कुल्लू, कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर और अन्य नेताओं से भी आग्रह किया था, लेकिन सरकार प्रशासन की तरफ से इसके लिए कोई प्रयास नहीं किया गया|पिता ने कहा कि हमें काफी दु:ख है| भारत माता की रक्षा के लिए प्राणों को न्यौछावर करने वाले शहीदों को सम्मान दिया जाए

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इस दौरान शहीद बालकृष्ण को कमांडेट अरूण दिनेश, कर्नल दिनेश तनवर, कैप्टन मंगल चंद ठाकुर, डीएसपी प्रियांक गुप्ता, प्रधान सर चंद, प्रधान ग्राम पंचायत बंदल गोपाल सिंह ठाकुर, ग्राम पंचायत शेर सिंह ठाकुर, प्रधान ग्राम पंचायत सेऊगी प्रभा शर्मा ग्राम पंचायत जरी, प्रवीण सिंह ठाकुर, शहीद के पिता महेंन्द्र सिंह, माता इंद्रा देवी, दादा अनूप राम, केहर सिंह रिश्तेदारों ने श्रद्धंजलि दी

पूईद पंचायत के प्रधान सर चंद ने बताया डीसी कुल्लू ऋचा वर्मा ने आश्वासन दिया था शहीद के नाम पर नामकरण किया जाएगा| लेकिन सरकार और प्रशासन ने कुछ नहीं किया है| हउन्होंने कहा कि हमारा प्रयास निरंतर जारी रहेगा जब तक शहीद के नाम पर किसी स्थल का नामकरण नहीं किया जाता|

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हम अपने पाठकों को बताना चाहते हैं कि बहुत दुःख होता है जब भी ऐसा कोई किस्सा सामने आता है कि हमारे देश की सरकारें और नेता देश के लिए शहीद हुए जवानों के घरवालों से वादे तो कर देती हैं, लेकिन जब उन वादों को पूरा करने का समय आता है उस वक़्त उनको कुछ याद ही नहीं रहता है, अगर उनको याद दिला भी दिया जाये फिर भी कोई फर्क नहीं पड़ता है। बस राजनीति करने के लिए शहीदों के नाम का इस्तेमाल होता है| सरकार और नेताओं का ऐसा व्यवहार देखते हुए आज लोगों में बहुत रोष है। सरकार को इस विषय में गंभीरता से सोचना चाहिए।

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