Mandi News Today: हिमाचल प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियानों के बीच प्रदेश में चिट्टा तस्करी के चौंकाने वाले मामले सामने आ रहे हैं। राज्य में चिट्टे का बढ़ता जाल अब केवल युवाओं तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसके मामले परिवारों तक पहुंचने लगे हैं। मंडी जिले के सुंदरनगर में एक ऐसा ही मामला सामने आया है जिसने पुलिस और स्थानीय जनता को हैरान कर दिया है। यहां पुलिस ने चिट्टे (हेरोइन) के साथ एक ही परिवार के चार सदस्यों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस थाना सुंदरनगर की टीम नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत क्षेत्र में गश्त और नाकाबंदी कर रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम ने कांगू में लगाए गए नाके पर एक संदिग्ध कार को जांच के लिए रोका। यह कार चंडीगढ़ नंबर की थी। जब पुलिस कर्मियों ने वाहन की गहनता से तलाशी ली, तो कार के भीतर से 6.650 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। नशीले पदार्थ की बरामदगी के तुरंत बाद पुलिस ने वाहन में सवार चारों लोगों को हिरासत में ले लिया और बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
आमतौर पर नशा तस्करी के मामलों में अलग-अलग व्यक्तियों या किसी संगठित गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी होती है, लेकिन इस मामले ने इसलिए लोगों का ध्यान खींचा है क्योंकि यहां एक ही परिवार के चार सदस्य एक साथ पुलिस के हत्थे चढ़े हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गौरव (निवासी सलापड़ कॉलोनी), सरला (पत्नी राजकरण, निवासी सलापड़ कॉलोनी), ज्योति (पत्नी गौरव, निवासी सलापड़ कॉलोनी, सुंदरनगर) और रिशु (पत्नी गिरीश शर्मा, निवासी चंडीगढ़) के रूप में हुई है।
पारिवारिक संबंधों की बात करें तो प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सरला इस परिवार की मुखिया है। गौरव उसका बेटा है, जबकि ज्योति गौरव की पत्नी यानी सरला की बहू है। वहीं कार में मौजूद चौथी आरोपी रिशु गौरव की बहन (सरला की बेटी) बताई जा रही है। इस तरह मां, बेटे, बहू और बेटी के एक साथ नशीले पदार्थ के साथ पकड़े जाने के बाद पूरे सुंदरनगर क्षेत्र में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
सुंदरनगर के पुलिस उपधीक्षक (DSP) भारत भूषण ने इस पूरे मामले की आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पकड़े गए चारों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद किया गया चिट्टा कहां से लाया गया था और इसकी आपूर्ति या इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था।
डीएसपी ने स्पष्ट किया कि मामले की हर पहलू से बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस आरोपियों के अन्य संपर्कों और उनके संभावित नेटवर्क को खंगालने में जुटी है ताकि इस अवैध व्यापार की जड़ तक पहुंचा जा सके। पुलिस का कहना है कि नशे के खिलाफ उनका यह अभियान लगातार जारी रहेगा और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। चारों आरोपियों को अदालत में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

















