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घने कोहरे में रेंगते हुए आतंकी को किया ढेर, हिमाचल के कैप्टन योगेंद्र को राष्ट्रपति ने दिया शौर्य चक्र

Himachal Pradesh Brave Soldier Award: हिमाचल प्रदेश के जांबाज कैप्टन योगेंद्र सिंह ठाकुर को जम्मू-कश्मीर में अदम्य साहस दिखाते हुए निकट मुठभेड़ में एक आतंकवादी को मार गिराने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शौर्य चक्र से सम्मानित किया है।
Shaurya Chakra Captain Yogendra Singh

Shaurya Chakra Captain Yogendra Singh: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला के जोगिंद्रनगर उपमंडल की ग्राम पंचायत दारट बगला के निवासी और भारतीय सेना की पैराशूट रेजिमेंट के कैप्टन योगेंद्र सिंह ठाकुर को राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा ‘शौर्य चक्र’ से सम्मानित किया गया है। कैप्टन योगेंद्र सिंह ठाकुर को यह सम्मान जम्मू-कश्मीर में तैनाती के दौरान उनके द्वारा दिखाए गए अदम्य साहस, असाधारण सूझबूझ और वीरता के लिए दिया गया है। इस प्रतिष्ठित नागरिक और सैन्य सम्मान की घोषणा के बाद से ही उन्हें लगातार बधाई और शुभकामनाएं मिल रही हैं।

उल्लेखनीय है कि शौर्य चक्र से सम्मानित कैप्टन योगेंद्र सिंह ठाकुर पैराशूट रेजिमेंट के सूबेदार शमशेर सिंह के पुत्र हैं। उनकी वीरता की यह कहानी जम्मू-कश्मीर के एक बेहद संवेदनशील इलाके से जुड़ी है, जहां वे अपने निगरानी दस्ते के साथ तैनात थे। इस दौरान वहां घना कोहरा छाया हुआ था और परिस्थितियां बेहद कठिन थीं। विपरीत मौसम के बीच ड्यूटी पर तैनात कैप्टन ठाकुर को अचानक लगभग 300 मीटर की दूरी पर कुछ अज्ञात व्यक्तियों की संदिग्ध हरकत दिखाई दी।

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संदिग्ध गतिविधियों की पहचान होते ही कैप्टन योगेंद्र सिंह ठाकुर ने त्वरित कार्रवाई का निर्णय लिया। संदिग्ध व्यक्तियों के भागने की संभावना और किसी भी प्रकार के अनपेक्षित नुकसान से अपने दस्ते को बचाने के लिए वे घने कोहरे के बीच भी अपनी जगह पर अटल रहे। इसी बीच, खुद को घिरता देख आतंकवादियों ने भारतीय सेना की टुकड़ी पर अचानक भीषण गोलीबारी शुरू कर दी। अचानक हुए इस हमले के बाद भी कैप्टन ठाकुर ने अपना आपा नहीं खोया और सूझबूझ से काम लिया।

आतंकवादियों की ओर से हो रही भीषण गोलाबारी के बीच कैप्टन योगेंद्र सिंह ठाकुर जमीन पर रेंगते हुए आगे बढ़े। उन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए आतंकवादियों की पोजीशन की ओर रुख किया और बेहद नजदीक की मुठभेड़ में एक आतंकवादी को मार गिराया। भारी गोलीबारी के बीच अपनी टुकड़ी का नेतृत्व करते हुए इस तरह की कार्रवाई को अंजाम देना उनके उच्च स्तरीय युद्ध कौशल को दर्शाता है।

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कैप्टन योगेंद्र सिंह ठाकुर का यह पराक्रम, कर्तव्य के प्रति अटूट निष्ठा और दृढ़ संकल्प भारतीय सेना के शौर्य और गौरवशाली परंपरा का एक बड़ा उदाहरण है। उनकी इस अभूतपूर्व वीरता और युद्ध कुशलता को देखते हुए ही उन्हें ‘शौर्य चक्र’ से नवाजा गया है। हिमाचल की वीरभूमि के इस जांबाज सपूत के पराक्रम पर पूरे क्षेत्र को गर्व है। उनकी इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री सुखविन्दर सिंह सुक्खू सहित अन्य लोगों द्वारा बधाई दी जा रही है।

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