Prajasatta Side Scroll Menu

Misbehaviour With Kashmiri Shawl Seller: हिमाचल में कश्मीरी शॉल विक्रेता के साथ दुर्व्यवहार की घटना पर जेकेएसए ने उठाए सवाल

Misbehaviour With Kashmiri Shawl Seller: हिमाचल में कश्मीरी शॉल विक्रेता के साथ दुर्व्यवहार की घटना पर जेकेएसए ने उठाए सवाल

Misbehaviour With Kashmiri Shawl Seller: जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (जेकेएसए) ने हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में एक कश्मीरी शॉल बेचने वाले व्यक्ति के साथ हुए दुर्व्यवहार के आरोपों की तीखी आलोचना की है। संगठन ने इस घटना को नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का हनन बताते हुए दोषियों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज करने की माँग की है।

यह मामला बीते रविवार को सामने आया, जहाँ एक कश्मीरी शॉल विक्रेता पर आरोप है कि उसे जबरदस्ती ‘भारत माता की जय’ का नारा लगवाने की कोशिश की गई। उसे हिमाचल प्रदेश छोड़ने की धमकी दी गई और कहा गया कि अगर उसने अपना कारोबार जारी रखा तो बुरे परिणाम भुगतने पड़ेंगे। दुकानदार ने नारा लगाने से साफ इनकार कर दिया और कहा कि वह भारत से प्यार करता है, लेकिन संविधान हर नागरिक को अपनी देशभक्ति जताने का तरीका चुनने की आज़ादी देता है। जेकेएसए ने इस कार्रवाई को जबरदस्ती और अपमानजनक करार दिया है।

इसे भी पढ़ें:  अपनी मांगो को लेकर सामूहिक अवकाश पर जिला परिषद कर्मी, पंचायतों में बाधित होंगे विकास कार्य

एसोसिएशन के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुएहमी ने बताया कि यह इस साल पूरे देश में कश्मीरी शॉल विक्रेताओं के साथ हुई ऐसी 15वीं घटना है। उन्होंने इसे एक गंभीर चिंता का विषय बताया, जिसमें रोजगार के लिए जम्मू-कश्मीर से बाहर जाने वाले व्यवसायियों को निशाना बनाया जा रहा है। खुएहमी ने कहा कि देशभक्ति साबित करने के लिए किसी को नारे लगाने पर मजबूर करना गैर-संवैधानिक और पूरी तरह अपमानजनक है। भारत के संविधान में किसी भी नागरिक पर कोई नारा लगाने का दबाव नहीं डाला गया है। देशप्रेम को डर या धमकी से नहीं थोपा जा सकता।

हिमाचल के मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की गुहार
उन्होंने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से आग्रह किया कि वे इस मामले में दखल दें और पुलिस को जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के आदेश दें। खुएहमी ने कहा कि ऐसे कड़े कदम जरूरी हैं ताकि यह स्पष्ट संदेश जाए कि भीड़ द्वारा की गई हिंसा और सांप्रदायिक उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इसे भी पढ़ें:  पुलिस कर्मियों की मदद के लिए रास्ता निकालेगी सरकार

एसोसिएशन ने यह भी कहा कि कश्मीरी शॉल विक्रेता दशकों से हिमाचल प्रदेश में काम कर रहे हैं और उन्होंने वहाँ की स्थानीय अर्थव्यवस्था और समाज में योगदान दिया है। हालाँकि, लगातार हो रही ऐसी घटनाएँ इन व्यापारियों और उनके परिवारों के मन में डर और असुरक्षा पैदा कर रही हैं।

कश्मीरी व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान
खुएहमी ने कहा कि भारत के साथ एकीकरण का दावा करने वाले कश्मीरियों के बार-बार अपमान से कश्मीर की छवि को सबसे ज्यादा नुकसान पहुँचता है। असली एकता सम्मान और गरिमा से आती है, न कि धमकियों से। एसोसिएशन ने राज्य सरकार से कश्मीरी व्यापारियों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।

इसे भी पढ़ें:  हिमाचल में अंतरराज्यीय रूटों पर चलेंगी बसें, शाम 8 बजे तक खुलेंगी दुकानें,पढ़े प्रदेश मंत्रिमण्डल के अन्य निर्णय

उन्होंने जिला प्रशासनों से माँग की कि वे धर्म या क्षेत्र के आधार पर होने वाले उत्पीड़न, प्रोफाइलिंग या जबरदस्ती को रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करें। एसोसिएशन ने कहा कि समानता, भाईचारे और न्याय जैसे संवैधानिक मूल्यों को कायम रखने के लिए तुरंत और स्पष्ट कार्रवाई जरूरी है।

Kasauli International Public School, Sanwara (Shimla Hills)
Aaj Ki Khabren Himachal Latest News Himachal News Himachal News in Hindi Himachal Pradesh News Himachal Pradesh samachar Himachal update HP News Today

Join WhatsApp

Join Now