Shimla Ram Mandir Hall Nikah Controversy: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला स्थित श्री राम मंदिर परिसर के हॉल में एक मुस्लिम परिवार द्वारा आयोजित किए जा रहे विवाह रिसेप्शन (Nikah Reception) को लेकर विवाद गहरा गया है। इस आयोजन के खिलाफ शनिवार दोपहर तीन बजे मुंडन कार्यक्रम कर विरोध जताने का आह्वान करने वाले हिंदू संघर्ष समिति के नेताओं को पुलिस ने प्रदर्शन से पहले ही उनके घरों में ‘हाउस अरेस्ट’ कर लिया है।
हिंदू संघर्ष समिति के सहसंयोजक विजय शर्मा ने जानकारी दी कि शनिवार सुबह से ही भारी पुलिस बल उनके आवास पर पहुंच गया और उन्हें बाहर निकलने से रोक दिया गया। समिति का कहना है कि वे किसी धर्म या विवाह के विरुद्ध नहीं हैं, बल्कि मंदिरों के परिसर में गैर-हिंदू रीति-रिवाजों और आयोजनों को ‘सांस्कृतिक अतिक्रमण’ मानते हैं। मामला सार्वजनिक होने के बाद हालांकि विवाह की रस्में (निकाह) मस्जिद में स्थानांतरित कर दी गई हैं, लेकिन रिसेप्शन के लिए राम मंदिर हॉल का उपयोग करने पर हिंदू पक्ष अभी भी अड़ा हुआ है।
भाजपा और समिति आमने-सामने
इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक मोड़ ले लिया है। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा ने मुस्लिम परिवार का समर्थन करते हुए इसे सांप्रदायिक सौहार्द का मामला बताया है। इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए विजय शर्मा ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस राजनीतिक लाभ के लिए अपनी मूल विचारधारा से भटक रहे हैं। उन्होंने हिंदू विचारक सीताराम गोयल का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक दल तुष्टीकरण की राजनीति में शामिल हैं।
विश्व हिंदू परिषद (VHP) के प्रांत कार्यकारिणी सदस्य आशुतोष अग्रवाल ने भी भाजपा को चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि हिंदू हितों की अनदेखी की गई, तो आगामी समय में भाजपा को कड़े विरोध का सामना करना पड़ेगा।
‘हिमाचल को कश्मीर बनाने की साजिश’
हिंदू संघर्ष समिति के नेता मदन ठाकुर ने तीखे लहजे में कहा कि जब नमाज सड़कों पर पढ़ी जा रही है, तो मंदिरों में इस तरह के आयोजन क्यों किए जा रहे हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में निरंतर हो रहे अतिक्रमण के माध्यम से हिमाचल को कश्मीर बनाने की कोशिश की जा रही है। समिति ने घोषणा की है कि वे इस मामले को लेकर न्यायालय का द्वार खटखटाएंगे और सूद सभा को भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए चेतावनी दी गई है।
दूसरी ओर, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष गुरमीत सिंह और स्थानीय पार्षद सरोज ठाकुर ने मुस्लिम परिवार से मुलाकात कर स्थिति स्पष्ट की। उनका कहना है कि राम मंदिर परिसर और कम्युनिटी हॉल अलग-अलग इकाइयां हैं और वहां पहले भी विभिन्न समुदायों के कार्यक्रम होते रहे हैं।
दुल्हन के पिता, मोहम्मद नासिर ने भावुक अपील करते हुए कहा कि उनकी भावनाओं को इस विवाद से ठेस पहुंची है। उन्होंने हिंदू संगठनों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए स्पष्ट किया कि निकाह की रस्म मस्जिद में ही संपन्न होगी और मंदिर हॉल का उपयोग केवल मेहमानों के स्वागत के लिए किया जा रहा है।



















