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State Teachers Association: गुटों में बंटी राजकीय अध्यापक संघ, वीरेंद्र चौहान और नरोत्तम वर्मा ने एक दूसरे पर लगाए गंभीर आरोप..!

State Teachers Association: दो गुटों में बंटी हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ, वीरेंद्र चौहान और नरोत्तम वर्मा ने एक दूसरे पर लगाए गंभीर आरोप..!

State Teachers Association Factionalism: हिमाचल प्रदेश राजकीय अध्यापक संघ की गुटबाजी एक बार फिर सुर्ख़ियों में है। संघ के नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष नरोत्तम वर्मा ने शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता में वीरेंद्र चौहान के नेतृत्व वाले गुट पर निशाना साधा। वर्मा ने अपने गुट को एकमात्र मान्यता प्राप्त गुट बताते हुए चौहान को “स्वयंभू नेता” करार दिया और उन पर संगठन को कमजोर करने का आरोप लगाया है। वहीँ दूसरी ओर, वीरेंद्र चौहान ने भी नरोत्तम वर्मा के गुट पर सवाल उठाए हैं।

वीरेंद्र चौहान ने शिमला में मीडिया से बातचीत में नरोत्तम वर्मा के नेतृत्व वाले गुट पर संगठन को कमजोर करने और शिक्षकों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। चौहान ने अपने गुट को शिक्षकों का सच्चा हितैषी बताते हुए नरोत्तम वर्मा गुट को “षड्यंत्रकारी” करार दिया।

वीरेंद्र चौहान ने कहा कि 2019 से कुछ लोग, जो हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ का चुनाव कभी नहीं जीत सके, संगठन को कमजोर करने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने नरोत्तम वर्मा पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके गुट ने 2019 में शिमला में होने वाले चुनाव में हिस्सा न लेकर अलग से गैर-कानूनी चुनाव करवाया, जिसे न्यायालय ने प्रतिबंधित कर दिया।

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चौहान ने बताया कि उनके गुट ने 2022 और 2023 में विधिवत चुनाव प्रक्रिया का पालन किया, जिसमें ब्लॉक, जिला और प्रदेश स्तर पर डेलीगेट्स चुने गए। उन्होंने कहा, “हमारा गुट संवैधानिक तरीके से चुना गया है, और हम 2026 तक वैध नेतृत्व हैं।”

चौहान ने नरोत्तम वर्मा गुट पर हाल ही में नालागढ़ में बिना अधिसूचना और संवैधानिक प्रक्रिया के “चोरी-छिपे” चुनाव करवाने का आरोप लगाया। उन्होंने इसे “कायरतापूर्ण हरकत” बताते हुए कहा कि वर्मा के 10-12 समर्थकों ने संगठन का नाम गलत तरीके से इस्तेमाल किया और चंदा इकट्ठा करने जैसे गैर-कानूनी कार्य किए।

चौहान ने बताया कि उनके गुट ने इस मामले में उच्च न्यायालय में केस दायर किया है, जिसकी सुनवाई 3 जून को हुई थी, और अगली सुनवाई 17 जून 2025 को होनी है। चौहान ने हिमाचल प्रदेश के शिक्षकों और कर्मचारियों से अपील की कि वे नरोत्तम वर्मा गुट के “भ्रामक प्रचार” में न आएं।

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उन्होंने कहा, “ये लोग डर के मारे विधिवत चुनाव में हिस्सा नहीं लेते। मैं इन्हें खुली चुनौती देता हूं कि वे 2026 में होने वाले चुनाव में आएं और जीतकर दिखाएं।” उन्होंने शिक्षकों से संगठन की एकता बनाए रखने और उनके गुट के साथ जुड़े रहने का आग्रह किया।

शिक्षकों और कर्मचारियों की मांगों पर जोर

मीडिया से बातचीत में चौहान ने शिक्षकों और कर्मचारियों की मांगों को भी उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने 4% महंगाई भत्ते (DA) की अधिसूचना अभी तक जारी नहीं की, जबकि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बजट भाषण में मई से DA देने का वादा किया था।

चौहान ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात का समय मांगा है और जल्द ही संयुक्त कर्मचारी महासंघ और राजकीय अध्यापक संघ के शिष्टमंडल के साथ उनसे मिलकर DA और बकाया एरियर की अदायगी की मांग करेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने 494 का मुद्दा खत्म कर दिया, जो शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका है। चौहान ने सरकार से इस मुद्दे पर पुनर्विचार करने और कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता देने की मांग की।

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चौहान ने शिक्षकों और कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि उनका गुट उनके हितों के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा, “हम सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करते हैं, लेकिन जहां गलत होता है, वहां खुलकर बोलते भी हैं।” उन्होंने नरोत्तम वर्मा गुट को “भगोड़ा” करार देते हुए कहा कि ये लोग कभी भी खुले मंच पर उनका सामना नहीं कर सके।

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