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सुप्रीमकोर्ट ने हिमाचल हाईकोर्ट के फैसले को रखा क़ायम,2015 में अनुबंध में आए PTA शिक्षकों के नियमितीकरण पर अप्रैल 2018 से लगाई अंतिम मोहर

सुप्रीमकोर्ट ने हिमाचल हाईकोर्ट के फैसले को रखा क़ायम,2015 में अनुबंध में आए PTA शिक्षकों के नियमितीकरण पर अप्रैल 2018 से लगाई अंतिम मोहर

दिल्ली।
माननीय सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार की याचिका को ख़ारिज करते हुए वर्ष 2015 में अनुबंध में आए पीटीए शिक्षकों के पक्ष मे हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले को सुरक्षित रखते हुए उनके 2018 से नियमितीकरण पर अंतिम मोहर लगा दी है। 24 अप्रैल 2023 को इस मामले की माननीय सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई हुई और दोनों पक्षों को सुनने के बाद माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने हिमाचल हाई कोर्ट द्वारा 5100 अनुबंध पीटीए शिक्षकों के पक्ष में 2018 से नियमितीकरण के फैसले को बरकरार रखा और इस मामले के विरुद्ध सरकार की याचिका को ख़ारिज कर दिया।
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गौरतलब है कि अप्रैल 2018 में अनुबंध पॉलिसी के तहत 3 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण कर चुके पीटीए अनुबंध शिक्षक नियमितीकरण से वंचित रह गए थे। तत्कालीन सरकार ने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने का हवाला देकर इन शिक्षकों का 3 वर्ष के अबुबंध कार्यकाल के पूर्ण होने पर नियमितीकरण नहीं किया गया था। अप्रैल 2020 में इस मामले में माननीय सुप्रीम कोर्ट से अनुबंध पीटीए शिक्षकों के पक्ष में फैसला आया और इन शिक्षकों का अनुबंध नीति के 3 वर्ष समयावधि के तहत नियमितीकरण का मार्ग प्रशस्त हो गया। लेकिन तत्कालीन भाजपा सरकार द्वारा 5100 अनुबंध पीटीए शिक्षकों का निमितीकरण 3 वर्ष की अनुबंध नीति के तहत 2018 से न करते हुए वर्तमान तिथि यानि अगस्त 2020 से कर दिया।

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अनुबंध नीति की तय अवधि यानि 3 वर्ष के अनुबंध कार्यकाल पर नियमितीकरण न मिलने पर अनुबंध शिक्षकों ने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में याचिका दायर की, जिस पर प्रदेश उच्च न्यायालय ने 5100 अनुबंध पीटीए शिक्षकों को बड़ी राहत प्रदान की। न्यायाधीश सबीना और न्यायधीश सत्येंद्र वैद्य की खंडपीठ ने उन्हें अनुबंध नीति के तहत अप्रैल 2018 से नियमितकरण के लाभ दिए जाने के सरकार को आदेश दिए। तत्कालीन भाजपा सरकार ने प्रदेश उच्च न्यायालय के फैसले को न मानते हुए इस फैसले के विरूद्ध माननीय सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की जिसकी सुनवाई 24 अप्रैल सोमवार को माननीय सर्वोच्च न्यायालय में हुई।

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दोनों पक्षों की दलीलों को सुनते हुए माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले को जायज ठहराते हुए उसे क़ायम रखा और तत्कालीन सरकार द्वारा दायर याचिका को ख़ारिज कर 5100 अनुबंध पीटीए शिक्षकों के 2018 से नियमितीकरण पर अंतिम मोहर लगा दी।

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हिमाचल राजकीय शिक्षक संघ (पीटीए) के प्रदेश अध्यक्ष बोविल ठाकुर ने 5100 अनुबंध पीटीए शिक्षकों के अधिकारों को सुरक्षित करने वाले फैसलों पर माननीय हाई कोर्ट और माननीय सर्वोच्च न्यायालय का धन्यवाद किया है। बोविल ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय सुखविंदर सिंह सूक्खू से निवेदन किया है कि आप माननीय सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का सम्मान करने और 5100 अनुबंध पीटीए शिक्षकों के अप्रैल 2018 से नियमितीकरण के सभी लाभ प्रदान कर कृतार्थ करें। बोविल ठाकुर ने कहा है कि बहुत जल्द अपनी इन मांगों को लेकर प्रदेश यूनियन का प्रतिनिधि मंडल माननीय मुख्यमंत्री व माननीय शिक्षामंत्री जी से मिलेगा।

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