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Vajra Prahar 2026: हिमाचल में भारत-अमेरिका का शक्ति प्रदर्शन, ‘वायुशक्ति-26’ से थर्राएगा आसमान

भारत और अमेरिका के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास 'वज्र प्रहार 2026' और वायुसेना का 'वायुशक्ति-26' इवेंट हिमाचल में शुरू होने जा रहा है। जानें कैसे भारत और अमेरिका की सेनाएं मिलकर अपनी आसमानी और जमीनी ताकत का प्रदर्शन करेंगी।
Vajra Prahar 2026: हिमाचल में भारत-US का शक्ति प्रदर्शन, 'वायुशक्ति-26' से थर्राएगा आसमान
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Vajra Prahar 2026: भारत और अमेरिका की सेनाएं एक बार फिर साथ आ रही हैं। दोनों देशों की स्पेशल फोर्सेज हिमाचल प्रदेश के बकलोह स्थित स्पेशल फोर्सेज ट्रेनिंग स्कूल में ‘वज्र प्रहार 2026’ का 16वां संस्करण शुरू करने जा रही हैं। यह अभ्यास 23 फरवरी से 15 मार्च 2026 तक चलेगा।

भारतीय सेना के अनुसार, इस अभ्यास को खास तौर पर तैयार किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और गहरा करना, एक-दूसरे के साथ बेहतर तालमेल (इंटरऑपरेबिलिटी) बढ़ाना और संयुक्त ऑपरेशन की तैयारी को मजबूत करना है। साथ ही स्पेशल ऑपरेशन की नई तकनीकें, तरीके और प्रक्रियाओं को आपस में साझा करना भी इसका लक्ष्य है।

सेना ने बताया कि वास्तविक युद्ध जैसे हालात में ट्रेनिंग से दोनों टीमों के बीच भरोसा बढ़ेगा और ऑपरेशन में बेहतर तालमेल बनेगा। भारतीय सेना ने एक्स पर पोस्ट करके कहा कि कठिन और वास्तविक परिस्थितियों में ट्रेनिंग से दोनों पक्ष आपसी विश्वास और कार्य क्षमता को और मजबूत करेंगे। यह अभ्यास भारत-अमेरिका की सैन्य साझेदारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

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पिछले संस्करणों की बात करें तो 15वां वज्र प्रहार 2024 में अमेरिका के इडाहो में हुआ था। उसमें दोनों देशों से 45-45 सैनिक शामिल हुए थे। भारतीय स्पेशल फोर्स यूनिट्स और अमेरिकी ग्रीन बेरेट्स ने रेगिस्तानी इलाके में संयुक्त अभियान चलाने की क्षमता पर काम किया था। इससे पहले 2023 में मेघालय के उमरोई में यह अभ्यास हुआ, जहां भारतीय वायुसेना और सेना ने मिलकर कई ड्रिल किए। Mi-17 हेलीकॉप्टर से ऑपरेशन और हेलोकास्टिंग जैसे अभ्यासों में सैनिकों ने अपनी सटीकता और तालमेल दिखाया था।


इसी दौरान भारतीय वायुसेना भी अपनी ताकत का प्रदर्शन करेगी। 27 फरवरी 2026 को राजस्थान के पोखरण एयर टू ग्राउंड रेंज में ‘वायुशक्ति-26’ अभ्यास होगा। इसमें तेजस, राफेल, सुखोई-30MKI, मिराज-2000, MiG-29, C-17, C-130J, अपाचे, चिनूक जैसे कई विमान और हेलीकॉप्टर शामिल होंगे। ये फुल-स्पेक्ट्रम ऑपरेशन करेंगे।

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इसके अलावा आकाश, स्पाइडर और काउंटर-अनमैन्ड एरियल सिस्टम जैसे आधुनिक हथियारों का भी दिन-रात इस्तेमाल दिखाया जाएगा। वायुसेना के मुताबिक, यह अभ्यास तेज जवाब देने, हवाई इलाके पर कब्जा करने और रणनीतिक नतीजे हासिल करने की क्षमता को सामने लाएगा। साथ ही आपदा राहत, एयरलिफ्ट, बचाव और निकासी जैसे मानवीय कार्यों में वायुसेना की तेजी और क्षमता भी प्रदर्शित होगी। यह देश और विदेश दोनों में मदद पहुंचाने की ताकत दिखाएगा।

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