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पूर्व राज्यसभा सांसद विप्लव ठाकुर का कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल, पूछा – 71 ब्लॉक अध्यक्षों में महिला क्यों नहीं?

Himachal Politics: कांग्रेस की वरिष्ठ नेता विप्लव ठाकुर ने संगठन में महिलाओं की अनदेखी पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने हालिया 71 ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों की नियुक्तियों को लेकर प्रदेश नेतृत्व की कार्यप्रणाली पर गंभीर असंतोष जताया है।
Himachal Congress Women Reservation : पूर्व राज्यसभा सांसद विप्लव ठाकुर का कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल, पूछा - 71 ब्लॉक अध्यक्षों में महिला क्यों नहीं?

Himachal Congress Women Reservation: कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद विप्लव ठाकुर ने प्रदेश संगठन में महिलाओं की उपेक्षा पर कड़ा एतराज जताया है। हाल ही में हिमाचल प्रदेश में हुई 71 ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों की नियुक्तियों में किसी भी महिला को जिम्मेदारी न दिए जाने पर उन्होंने सीधे तौर पर पार्टी नेतृत्व की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। विप्लव ठाकुर ने कहा कि यह स्थिति तब है जब पार्टी मंचों से महिलाओं के सशक्तिकरण और भागीदारी की बात करती है।

पूर्व राज्यसभा सांसद ने तर्क दिया कि एक तरफ लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने की वकालत की जा रही है, वहीं पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण पहले से ही मिल रहा है। ऐसे में देश के सबसे पुराने राजनीतिक दल के भीतर महिलाओं की इस प्रकार की अनदेखी समझ से परे है। उन्होंने इस विषय पर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी की भूमिका पर भी निशाना साधा है।

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विप्लव ठाकुर ने कहा कि प्रदेश प्रभारी को इस विषय पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए था, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि वे शिमला से बाहर अन्य जिलों का दौरा करने की इच्छुक नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हाईकमान को संगठन के भीतर हुए इन फैसलों पर गंभीरता से पुनर्विचार करने की आवश्यकता है। महिलाओं की पूर्ण रूप से अनदेखी न केवल पार्टी के भीतर असंतोष को जन्म दे सकती है, बल्कि महिला मतदाताओं के बीच भी एक नकारात्मक संदेश भेज सकती है।

नियुक्तियों की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए विप्लव ठाकुर ने आरोप लगाया कि अब कांग्रेस में नियुक्तियां जमीनी स्तर के बजाय सीधे ‘ऊपर’ से की जा रही हैं। उन्होंने उन दावों को भी सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें यह कहा गया था कि नियुक्तियों से पहले आवेदन मांगे गए थे। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में प्रक्रिया के तहत आवेदन मांगे गए होते, तो महिलाएं निश्चित रूप से आगे आतीं।

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उन्होंने आगे कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में नेतृत्व कर रही हैं, ऐसे में संगठन के भीतर उन्हें पीछे क्यों रखा जा रहा है? उन्होंने कहा कि पार्टी एक तरफ ग्रास रूट कार्यकर्ताओं को आगे लाने की बात करती है, लेकिन हालिया नियुक्तियों में जमीनी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा स्पष्ट नजर आती है। विप्लव ठाकुर की यह नाराजगी अब पार्टी के भीतर चर्चा का विषय बन गई है और इसे आगामी समय में संगठन की रणनीति पर प्रभाव डालने वाली घटना के रूप में देखा जा रहा है।

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