PM Vidyalaxmi Education Loan Scheme: उच्च शिक्षा हासिल करने का सपना देखने वाले उन छात्रों के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जो आर्थिक तंगी के कारण अपनी पढ़ाई आगे नहीं बढ़ा पाते थे। केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के बाद ‘प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना’ की शुरुआत की गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य मेधावी छात्रों को बिना किसी वित्तीय बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए फंड मुहैया कराना है।
सरकार के इस फैसले से हर साल देश के 22 लाख से अधिक छात्रों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। इस योजना के तहत भारत के टॉप 860 क्वालिटी हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन्स (QHEIs) में एडमिशन लेने वाले छात्र लोन के लिए आवेदन करने के पात्र हैं।

इन संस्थानों का निर्धारण नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) द्वारा किया गया है। सरकार ने इस योजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए साल 2024–25 से 2030–31 की अवधि के लिए लगभग ₹3,600 करोड़ का वित्तीय प्रावधान तय किया है।
योजना की मुख्य विशेषताएं और वित्तीय लाभ
पीएम विद्यालक्ष्मी योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि देश के टॉप संस्थानों में एडमिशन पाने वाले किसी भी छात्र को बिना किसी कोलैट्रल, बिना किसी सिक्योरिटी या बिना किसी गारंटर के लोन मिल सकेगा। इसके अलावा, छात्रों को इस लोन के लिए कोई प्रोसेसिंग फीस भी नहीं देनी होगी, जिससे पढ़ाई की शुरुआत में उन पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
इस योजना में ₹7.5 लाख तक के लोन पर भारत सरकार बैंकों को 75% क्रेडिट गारंटी प्रदान करेगी। वहीं, जिन छात्रों के परिवार की सालाना आय ₹8 लाख तक है, उन्हें मोरेटोरियम पीरियड यानी पढ़ाई के दौरान ₹10 लाख तक के लोन पर 3% ब्याज छूट भी दी जाएगी। छात्र देश के सभी शेड्यूल्ड बैंकों, रीजनल रूरल बैंकों (RRBs) और को-ऑपरेटिव बैंकों से इस योजना के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
ब्याज दरें और रीपेमेंट की अवधि
इस योजना के तहत ब्याज दरें अलग-अलग बैंकों, वित्तीय संस्थानों और संस्थान की फीस के आधार पर तय होती हैं। वर्तमान में ₹10 लाख तक के लोन के लिए ब्याज दरें 8.1% से लेकर 18% सालाना तक हो सकती हैं। एजुकेशन लोन को चुकाने के लिए छात्रों को 15 साल तक का लंबा समय मिलता है, जिसमें मोरेटोरियम पीरियड यानी पढ़ाई की अवधि और उसके ठीक बाद का समय शामिल नहीं किया गया है।
सुरक्षा के लिहाज से, लोन की राशि एक निश्चित सीमा से अधिक होने पर बैंक छात्र के नाम पर लाइफ इंश्योरेंस कवरेज भी खरीद सकते हैं। छात्र के लिखित अनुरोध पर इस इंश्योरेंस प्रीमियम को लोन की कुल राशि में ही जोड़ा जा सकता है, जिससे अलग से भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होती है।
आवेदन करने की पूरी डिजिटल प्रक्रिया
इस योजना के तहत लोन पाने की प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और डिजिटल बनाया गया है। इच्छुक छात्र नीचे दिए गए चरणों का पालन करके आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से आवेदन जमा कर सकते हैं:
सबसे पहले छात्र को आधिकारिक विद्यालक्ष्मी पोर्टल (Vidyalaxmi Portal) पर विजिट करना होगा। पोर्टल पर अपना अकाउंट बनाने के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करनी होगी, जिसमें नाम, ईमेल आईडी, पता, मोबाइल नंबर, पहचान पत्र और अन्य जरूरी जानकारियां दर्ज करनी होंगी। रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद अपने यूजर आईडी और पासवर्ड के जरिए पोर्टल पर लॉगिन करें।
लॉगिन करने के बाद होमपेज पर ‘लोन एप्लीकेशन सेक्शन’ (Loan Application Section) पर जाएं और संबंधित लोन टाइप को चुनें। इसके बाद फॉर्म में अपने कोर्स का नाम, संस्थान का नाम, फीस का ढांचा और अपनी व्यक्तिगत जानकारियां बिल्कुल सही-सही भरें। पूरा फॉर्म एक बार अच्छी तरह चेक करने के बाद सबमिट बटन पर क्लिक कर दें। आवेदन जमा होने के बाद छात्र इसी पोर्टल के जरिए अपने लोन एप्लीकेशन का स्टेटस भी ट्रैक कर सकते हैं।


















