Kangra News Today: हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के इंदौरा में एक पूर्व पोस्टमास्टर द्वारा मृत बुजुर्गों के नाम पर लाखों रुपये का गबन करने का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। इंदौरा तहसील के मंड मझवान शाखा डाकघर में तैनात रहे एक पूर्व ब्रांच पोस्टमास्टर पर आरोप है कि उसने सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ लेने वाले मृत बुजुर्गों को भी अपनी अवैध कमाई का जरिया बना लिया। इस पूरे घटनाक्रम के उजागर होने के बाद अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मामले को अपने हाथ में ले लिया है।
सीबीआई से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आरोपी पूर्व ब्रांच पोस्टमास्टर ने मृत सामाजिक सुरक्षा पेंशन भोगियों के अंगूठे का फर्जी निशान बनाकर उनके खातों से कुल 9.02 लाख रुपये की राशि का कथित तौर पर गबन कर लिया। जांच एजेंसी का कहना है कि यह राशि आधिकारिक दायित्व के तहत पोस्टमास्टर को लाभार्थियों में वितरित करने के लिए सौंपी गई थी। हालांकि, आरोपी ने इस सरकारी धन का कथित तौर पर अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए दुरुपयोग किया।
इस बड़े वित्तीय घोटाले का भंडाफोड़ होने के बाद सीबीआई एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) शिमला ने आरोपी के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर ली है। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी वर्ष 2012 से लेकर दिसंबर 2025 तक इसी मंड मझवान शाखा डाकघर में तैनात था। पद पर रहते हुए उसने इस पूरी साजिश को अंजाम दिया, जिसका खुलासा अब जाकर हुआ है।
आरोपी पूर्व पोस्टमास्टर पर आरोप है कि वर्ष 2024-25 के दौरान जब क्षेत्र के कुछ गरीब बुजुर्गों की मौत हो गई, तो उसने तय नियम के अनुसार उनके पेंशन खातों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू नहीं की। इसके विपरीत, उसने इन खातों से खुद पैसे निकालने की एक सोची-समझी साजिश रची। इस कथित योजना के तहत आरोपी ने कुल 19 मृत लाभार्थियों के फर्जी अंगूठे के निशान तैयार किए और विड्रॉल फॉर्म (एसबी-7) भरकर सरकारी खजाने को भारी चूना लगाया।
वर्तमान में सीबीआई के इंस्पेक्टर अंकुर शर्मा इस पूरे मामले की कड़ियां खंगाल रहे हैं और विस्तृत छानबीन में जुटे हैं। जांच एजेंसी ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 316(5), 338 और 340 के तहत मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(ए) के तहत भी नियमित केस दर्ज किया गया है।
सीबीआई के अधिकारियों का मानना है कि चूंकि आरोपी लंबे समय तक एक ही जगह पर तैनात था, इसलिए मामले की गहन जांच के तहत आने वाले दिनों में कुछ और नए तथा चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। पुलिस और डाक विभाग के अन्य रिकॉर्ड की भी स्क्रूटनी की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गबन में कोई और तो शामिल नहीं था।

















