Wayanad Landslide Himachal Engineer Update: केरल के वायनाड में आई भीषण प्राकृतिक त्रासदी में लापता हुए हिमाचल प्रदेश के इंजीनियर विक्रम सिंह राणा की सुरक्षित वापसी की उम्मीद पूरी तरह खत्म हो गई है। जिला कांगड़ा के फतेहपुर उपमंडल की पंचायत टकोली घिरथा के सुरेला निवासी 50 वर्षीय इंजीनियर विक्रम सिंह राणा का छह दिन बाद रविवार दोपहर को शव बरामद कर लिया गया। वह डीबीएल कंपनी में कार्यरत थे।
शव मिलने की आधिकारिक सूचना के बाद परिवार की उनके सकुशल लौटने की सभी उम्मीदें टूट गईं और पूरे फतेहपुर क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, विक्रम सिंह राणा की पार्थिव देह को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया और पोस्टमार्टम के बाद सोमवार तक उनके पैतृक गांव टकोली घिरथा लाए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।

उनके निधन की खबर मिलते ही गांव में मातम पसरा हुआ है। हादसे की खबर सुनने के बाद से ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और रिश्तेदार शोक संतप्त परिवार को ढाढस बंधाने के लिए उनके घर पहुंच रहे हैं और दुख की इस घड़ी में उनके साथ खड़े हैं।
घटना की सूचना मिलते ही केरल पहुंच गए थे दोनों भाई
वायनाड में भीषण भूस्खलन की घटना की सूचना मिलते ही विक्रम सिंह राणा के भाई कुलवंत सिंह और प्रमोद राणा बीते 8 जुलाई को ही केरल पहुंच गए थे। दोनों भाई वहां लगातार चलाए जा रहे बचाव अभियान पर नजर बनाए हुए थे।
वे स्थानीय प्रशासन, पुलिस और सर्च ऑपरेशन में जुटी विभिन्न बचाव दलों के निरंतर संपर्क में रहकर अपने भाई की तलाश में जुटे रहे। केरल सरकार, स्थानीय प्रशासन और विभिन्न केंद्रीय व स्थानीय बचाव एजेंसियों द्वारा लगातार चलाए गए सघन सर्च ऑपरेशन के बाद रविवार दोपहर को विक्रम सिंह राणा का शव ढूंढ निकाला गया। अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है।
7 जुलाई की सुबह 11:09 बजे आखिरी बार हुआ था संपर्क
पारिवारिक सदस्यों के अनुसार, 7 जुलाई की सुबह करीब 11 बजकर 09 मिनट के बाद से विक्रम सिंह राणा के साथ संपर्क पूरी तरह टूट गया था। फोन बंद होने और कोई जानकारी न मिलने के बाद से ही पूरा परिवार लगातार भगवान से उनके सुरक्षित लौटने की प्रार्थना कर रहा था।
परिजनों ने बताया कि पिछले छह दिनों से घर में बेहद गमगीन और तनावपूर्ण माहौल बना हुआ था। घर के सभी सदस्यों की निगाहें सिर्फ और सिर्फ किसी अच्छी खबर का इंतजार कर रही थीं। विक्रम की सुरक्षित वापसी की उम्मीद के बीच परिवार और ग्रामीण लगातार पूजा-अर्चना कर रहे थे, लेकिन रविवार को मिली इस दुखद सूचना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।


















