Luteri Dulhan: हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में शादी के नाम पर ठगी करने वाले एक बड़े संगठित गिरोह के सक्रिय होने की आशंका गहरा गई है। उपमंडल गगरेट के अम्बोटा गांव में कुछ ही दिनों के भीतर लुटेरी दुल्हन का यह दूसरा बड़ा मामला सामने आया है। इस बार पंजाब के जालंधर से ब्याह कर लाई गई एक दुल्हन शादी के चंद घंटों बाद ही रात के अंधेरे में घर से फरार हो गई।
हालांकि, इस बार दूल्हा पक्ष की सतर्कता और सूझबूझ के चलते एक बड़ी ठगी होने से बच गई और भाग रही दुल्हन को उसकी मां के साथ बीच रास्ते में ही दबोच लिया गया। इस पूरे घटनाक्रम में पीड़ित दूल्हा पक्ष की चालाकी बेहद कारगर साबित हुई। पीड़ित परिवार ने दावा किया है कि गांव में पिछले दिनों हुए ऐसे ही एक मामले से सबक लेते हुए उन्होंने पहले ही एहतियात बरती थी।

परिवार ने रणनीति के तहत शादी के दौरान दुल्हन को असली सोने-चांदी के बजाय आर्टिफिशियल गहने पहनाए थे। शादी संपन्न होने के बाद से ही दुल्हन बार-बार परिवार वालों से यही पूछ रही थी कि ये गहने असली हैं या नहीं। जब दूल्हा पक्ष ने उसे आश्वस्त करने के लिए झूठ बोलकर कहा कि गहने पूरी तरह असली हैं, तो उसने मौका पाकर रात में घर से भागने की योजना बना ली।
दूल्हा पक्ष का सीधा आरोप है कि महिला का मकसद वैवाहिक जीवन बसाना कभी था ही नहीं, बल्कि वह सिर्फ गहने और नकदी लेकर भागने की फिराक में थी। जानकारी के अनुसार, जालंधर से आई इस दुल्हन की हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार विधिवत शादी और फेरे संपन्न हो चुके थे। घर में शादी के बाद की अन्य रस्में और उत्सव चल रहे थे।
इसी बीच देर रात मौका देखकर दुल्हन चुपचाप घर से बाहर खिसक गई। जैसे ही दूल्हा पक्ष को दुल्हन के गायब होने की भनक लगी, घर में हड़कंप मच गया। परिजनों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत उसका पीछा करना शुरू किया। कुछ ही दूरी पर अंधेरे में पैदल भाग रही दुल्हन और बाहर उसका इंतजार कर रही उसकी मां को दूल्हा पक्ष के लोगों ने रंगे हाथों पकड़ लिया।
मां-बेटी को पकड़े जाने के बाद दोनों पक्षों को तुरंत स्थानीय पुलिस थाना ले जाया गया। वहां पुलिस की मौजूदगी में हुई कड़ी पूछताछ के दौरान दुल्हन अपने पति के साथ न रहने का कोई भी ठोस या तार्किक कारण नहीं बता पाई। उसने पुलिस के सामने सिर्फ इतना ही दोहराया कि वह इस घर में और यहां नहीं रहना चाहती। इसके बाद थाने में ही दोनों पक्षों के वरिष्ठ लोगों के बीच बातचीत हुई और आपसी सहमति से एक समझौता पत्र तैयार किया गया, जिसके कारण पुलिस में कोई औपचारिक एफआईआर या मामला दर्ज नहीं कराया गया।
गौरतलब है कि कुछ ही दिन पहले इसी गांव में पंजाब के अमृतसर से ब्याह कर लाई गई एक अन्य दुल्हन करीब 70 हजार रुपए की नकदी और कीमती गहने समेटकर फरार हो गई थी। उस वारदात में दुल्हन के साथी पहले से ही कार लेकर घर के बाहर इंतजार कर रहे थे, जिसमें बैठकर वह फरार हुई थी। उस पुराने मामले की पुलिस जांच अभी भी जारी है।
अब लगातार सामने आए इन दो मामलों ने इस अंदेशे को पूरी तरह पुख्ता कर दिया है कि पंजाब से कोई बड़ा संगठित गिरोह संचालित हो रहा है, जो हिमाचल के सीधे-साधे परिवारों को शादी के जाल में फंसाकर निशाना बना रहा है। इन संवेदनशील और लगातार बढ़ रहे मामलों पर संज्ञान लेते हुए स्थानीय पुलिस ने आम जनता से विशेष अपील की है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि लोग शादी तय करने से पहले लड़की और उसके पूरे परिवार की पारिवारिक पृष्ठभूमि की गहनता से जांच-पड़ताल जरूर करें। किसी भी अनजान व्यक्ति, एजेंट या बिचौलिए के झांसे में आकर बिना पुलिस सत्यापन के रिश्ता तय करने की भूल न करें। पुलिस ने साफ किया कि वैवाहिक रिश्ते हमेशा पूरी तरह जान-पहचान वाले और विश्वसनीय माध्यमों से ही किए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की धोखाधड़ी और मानसिक उत्पीड़न का शिकार होने से बचा जा सके।


















