Prajasatta Side Scroll Menu
Bahra University - Shimla Hills

नींद की कमी और आंखों में दर्द, जानिए क्यों हो रही है यह समस्या और बचाव के उपाय..?

Sleep deprivation and eye pain: नींद की कमी और आंखों में दर्द, जानिए क्यों हो रही है यह समस्या और बचाव के उपाय..?

Sleep Deprivation And Eye Pain: आज के दौर में भागदौड़ भरी जीवनशैली के कारण पर्याप्त नींद न लेना एक आम समस्या बन चुकी है। इसका सीधा और गहरा असर हमारी आंखों पर पड़ता है। अक्सर लोग सुबह सोकर उठने के बाद आंखों में दर्द, भारीपन, जलन या सूखापन महसूस करते हैं। यदि आप भी इन लक्षणों से जूझ रहे हैं, तो इसके पीछे का मुख्य कारण आपकी अधूरी नींद हो सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार जब हम पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं, तो हमारी आंखों को आवश्यक आराम नहीं मिल पाता है। दिन भर डिजिटल स्क्रीन पर लगातार काम करने से आंखों की मांसपेशियां हर समय सक्रिय रहती हैं। नींद के दौरान ही ये मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं और आंखों की सतह खुद को रिपेयर करती है।

नींद की कमी से आंखों में दर्द क्यों होता है?
नींद पूरी न होने पर आंखों की मांसपेशियां रिलैक्स नहीं कर पातीं, जिससे आंखों में थकान और दर्द की समस्या उत्पन्न होती है। इसके अतिरिक्त, नींद की कमी से आंखों में ‘ड्रायनेस’ यानी सूखापन बढ़ जाता है। सामान्य स्थिति में पलकें झपकने से आंखों में नमी बनी रहती है, लेकिन जब आप थके होते हैं या देर रात तक जागते हैं, तो पलक झपकने की दर कम हो जाती है।

इसे भी पढ़ें:  Diet Chart After Angioplasty: एंजियोप्लास्टी के बाद क्या खाना चाहिए?

पलकों के कम झपकने से आंखों में आंसू का संतुलन बिगड़ जाता है। इसका परिणाम आंखों में जलन, खुजली और दर्द के रूप में सामने आता है। यह स्थिति उन लोगों में अधिक गंभीर होती है जो देर रात तक मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर का उपयोग करते हैं।

इसे भी पढ़ें:  Manicure and Pedicure Benefits: शहनाज़ हुसैन से जानें क्यों यह सिर्फ खूबसूरती नहीं, बल्कि अच्छी सेहत के लिए भी है जरूरी

क्या आंखों की रोशनी पर पड़ता है असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि नींद की कमी का सीधा असर आंखों की रोशनी और दृष्टि पर पड़ सकता है। इससे धुंधला दिखना, चीजों पर फोकस करने में कठिनाई और सिरदर्द जैसे लक्षण उभर सकते हैं। लंबे समय तक नींद पूरी न करने से आंखों का ब्लड सर्कुलेशन भी प्रभावित होता है।

इसका परिणाम आंखों के आसपास सूजन, काले घेरे और लगातार भारीपन के रूप में दिखाई देता है। अक्सर लोग इसे केवल सामान्य थकान मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन लंबे समय तक यह उपेक्षा आंखों की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।

बचाव के प्रभावी उपाय और जीवनशैली में बदलाव
इस समस्या से बचने का सबसे प्रभावी उपाय अच्छी गुणवत्ता वाली और पर्याप्त नींद लेना है। हर व्यक्ति को रोजाना कम से कम 7 से 8 घंटे की गहरी नींद लेनी चाहिए। सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल और लैपटॉप का उपयोग पूरी तरह बंद कर देना चाहिए ताकि आंखों को स्क्रीन की रोशनी से आराम मिल सके।

इसे भी पढ़ें:  Thyroid Reduce Tips: थायराइड को नियंत्रित करने के आसान उपाय: जानें कैसे रखें थायराइड ग्लैंड को स्वस्थ

दिन भर काम के दौरान आंखों को बीच-बीच में आराम देना भी बेहद जरूरी है। इसके लिए ’20-20-20 नियम’ का पालन करना काफी मददगार हो सकता है—हर 20 मिनट के काम के बाद, 20 सेकंड का ब्रेक लें और 20 फीट दूर स्थित किसी वस्तु को देखें। साथ ही, आंखों को हाइड्रेट रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए।

डॉक्टर की सलाह कब लें?
आंखों की सुरक्षा के लिए आप डॉक्टर की सलाह पर लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि, यदि आपकी आंखों में दर्द, लगातार लालिमा या धुंधलापन बना रहता है, तो इसे बिल्कुल भी हल्के में न लें। ऐसी स्थिति में देरी न करें और तुरंत किसी नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें ताकि समय रहते सही उपचार किया जा सके।

Kasauli International Public School, Sanwara (Shimla Hills)
Daily wellness routine home decor ideas Lifestyle tips India Parenting advice India Self improvement tips Skincare routine guide

Join WhatsApp

Join Now