Mandi Student Murder Case Update: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में 19 वर्षीय कॉलेज छात्रा सिया की हत्या के मामले में एक नया मोड़ आया है। वारदात के बाद से ही पुलिस की गिरफ्त में आए मुख्य आरोपित विकास पटियाल की तबीयत अचानक बिगड़ गई है। स्थिति को देखते हुए उसे मंडी जोनल अस्पताल से नेरचौक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया है।
फिलहाल आरोपी डॉक्टरों की निगरानी में उपचाराधीन है। बता दें कि मंडी न्यायालय ने आरोपित को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है। हालांकि, गिरफ्तारी के बाद से विकास पटियाल पूरी तरह खामोश है। उसने अब तक पुलिस के सामने इस राज से पर्दा नहीं उठाया है कि आखिर उसने सिया की हत्या क्यों की। पुलिस पूछताछ में उसकी चुप्पी जांच अधिकारियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
ग्रामीणों ने की थी धुनाई, अब अस्पताल में भर्ती
बता दें कि बीते सोमवार को सरकाघाट के नैण गांव की निवासी सिया पर विकास ने दराट से ताबड़तोड़ वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया था। वारदात को अंजाम देने के बाद वह खेतों में छिप गया था, जहां से करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने उसे ढूंढ निकाला। गुस्साए ग्रामीणों ने पकड़े जाने के बाद आरोपित की जमकर धुनाई भी की थी। माना जा रहा है कि इसी कारण अब उसकी शारीरिक स्थिति खराब हुई है।
हत्या के पीछे ‘तंत्र-मंत्र’ या ‘नशा’?
इस वारदात के बाद पुलिस ने आरोपित के कपड़े और वारदात में इस्तेमाल दराट को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि विकास नशे का आदी था। वह अक्सर भांग के पत्तों को सुखाकर उनका सेवन करता था। पुलिस इस कोण से भी जांच कर रही है कि क्या यह हमला किसी क्षणिक उत्तेजना का परिणाम तो नहीं था।
वहीं क्षेत्र में इस बात की भी चर्चा है कि विकास अक्सर श्मशानघाट पर बैठा रहता था। स्थानीय लोग इसे तांत्रिक विद्या से जोड़कर भी देख रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एएसपी अभिमन्यु शर्मा ने स्पष्ट किया है कि मामले के हर पहलू को गहराई से खंगाला जा रहा है और पूछताछ के बाद ही हत्या के सटीक कारणों का पता चल सकेगा।
घर से हथियार लेकर निकला था विकास
अभी तक की पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि सोमवार सुबह विकास अपने घर से ही दराट लेकर निकला था। रास्ते में सिया को देखते ही उसने पीछे से उस पर हमला बोल दिया। जब ग्रामीणों और युवाओं ने उसे पकड़ने की कोशिश की, तो उसने उन पर भी हमला करने का प्रयास किया था।
जाँच में यह बातें भी निकलकर सामने आई है कि विकास पहले लुधियाना में नौकरी करता था, लेकिन वहां से लौटने के बाद वह गुमसुम रहने लगा था। परिजनों ने उसे नशामुक्ति केंद्र में भी रखा था, लेकिन वहां से आने के बाद उसने फिर से नशा शुरू कर दिया।
मां के मोबाइल फोन की होगी जांच
इसके अलावा आरोपित के पास अपना कोई व्यक्तिगत मोबाइल फोन नहीं था; वह अपनी मां सुनीता कुमारी के फोन का इस्तेमाल करता था। पुलिस ने उस मोबाइल को अपने कब्जे में ले लिया है। अब सीडीआर (Call Detail Record) के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या वारदात से पहले उसकी किसी से बात हुई थी या वह किसी के संपर्क में था।
उसकी मां सुनीता कुमारी ने बताया कि जिस दिन घटना हुई, वह घास लेने गई थीं और विकास उनके पीछे से कहीं निकल गया। उन्होंने कहा कि विकास आमतौर पर कभी हथियार लेकर घर से बाहर नहीं जाता था, लेकिन उस दिन उसने ऐसा क्यों किया, यह उनकी समझ से भी बाहर है। फिलहाल पुलिस ने परिवार को घर में ही रहने की हिदायत दी है। हालांकि उन्होने यह भी कहा है कि अगर उनका बेटा दोषी है तो उसे फांसी भी मजूर है।




















