Mandi Road Accident: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता शिकारी देवी मंदिर के समीप बीती रात एक दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया है। जानकारी के मुताबिक इस दुर्गम क्षेत्र में एक ऑल्टो कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। इस भीषण दुर्घटना में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
यह हादसा इतना भयानक था और ऐसी सुनसान जगह पर हुआ कि रात के अंधेरे में किसी को इसकी कानों-कान खबर तक नहीं होती। दुर्घटना का पता तब चला जब कार में सवार एक घायल व्यक्ति ने अदम्य साहस का परिचय दिया। वह किसी तरह रेंगते हुए खाई से बाहर निकला और मुख्य सड़क तक पहुंचने में कामयाब रहा। सड़क पर टेंट लगाकर रह रहे स्थानीय लोगों को उसने घटना की जानकारी दी और मदद की गुहार लगाई।
घायल युवक की सूचना के बाद देर रात करीब एक बजे जंजैहली पुलिस थाना को हादसे की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की सहायता से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। अंधेरा और गहरी खाई होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन कड़ी मशक्कत के बाद हादसे के शिकार लोगों को बाहर निकाला गया।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार में कुल चार लोग सवार थे। खाई में गिरने के कारण वाहन के परखच्चे उड़ गए। इस हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान भूपेंद्र राज और हेत राम के रूप में हुई है, जो मंडी जिले के थुनाग क्षेत्र के निवासी थे। वहीं, घायलों की पहचान योगराज और पूर्णचंद के रूप में हुई है, जिनमें से एक थुनाग और दूसरा पांगणा का रहने वाला बताया जा रहा है।
हादसे में गंभीर रूप से घायल दोनों व्यक्तियों को प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज नेरचौक रेफर कर दिया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। इस दु:खद घटना के बाद पूरे थुनाग और जंजैहली क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें फौरी राहत प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
एसपी मंडी विनोद कुमार ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम करवाकर उन्हें परिजनों के सुपुर्द कर दिया जाएगा। प्रारंभिक दृष्टि में सुनसान रास्ता और अंधेरा हादसे का कारण माना जा रहा है, लेकिन तकनीकी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
















