Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू

आईएनएस त्रिशूल अंजुअन बंदरगाह, कोमोरोस के दौरे पर

आईएनएस त्रिशूल अंजुअन बंदरगाह, कोमोरोस के दौरे पर

भारतीय नौसेना की लंबी दूरी की तैनाती के एक हिस्से के रूप में, आईएनएस त्रिशूल ने 31 मई से 02 जून 2023 तक अंजुअन बंदरगाह, कोमोरोस का दौरा किया। इस जहाज ने 31 मई 2023 को अंजुअन द्वीप में लंगर डाला और इसका नागरिक और सैन्य अधिकारियों द्वारा स्वागत किया गया। इस जहाज के कमांडिंग ऑफिसर, कैप्टन कपिल कौशिक ने अपने दौरे में अंजुअन के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से भी मुलाकात की। कोमोरोस सशस्त्र बलों और कोमोरोस तट गार्ड के साथ पेशेवर बातचीत करने के अलावा इस जहाज के बंदरगाह में ठहरने के दौरान कोमोरोस रक्षा बलों के साथ संयुक्त योग सत्र भी आयोजन किया गया।

इसे भी पढ़ें:  Supreme court: सुप्रीम कोर्ट का बाढ़ और अवैध कटाई पर स्वत: संज्ञान, केंद्र और चार राज्यों को नोटिस

कोमोरोस के तट रक्षक कर्मियों के लिए ओबीएम के रखरखाव पर एक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इस जहाज ने संचार उपकरणों तथा बंदरगाह नियंत्रण में स्थापित नेविगेशन रडार डिस्प्ले की मरम्मत के बारे में कोमोरोस के तट रक्षकों की सहायता की।

इस जहाज ने अंजुअन के स्थानीय लोगों के लिए एक चिकित्सा आउटरीच शिविर का भी आयोजन किया, जिससे लगभग 500 लोग लाभान्वित हुए। इस शिविर में रोगियों की सामान्य स्वास्थ्य जांच के अलावा नेत्र, कार्डियोवस्कुलर और ईएनटी के बारे में भी परामर्श दिया गया। कोमोरोस सुरक्षा कर्मियों के लिए बीएलएस (बेसिक लाइफ सेविंग) प्रशिक्षण भी आयोजित किया गया।

इसे भी पढ़ें:  जम्मू-कश्मीर में कई जगहों पर NIA की छापेमारी

अंजुअन की यह बंदरगाह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ बनाने और भारत के पड़ोसी देशों की क्षेत्रीय नौसेनाओं के साथ समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। विगत में भी भारतीय नौसेना के जहाज नियमित रूप से कोमोरोस का दौरा करते रहे हैं।

YouTube video player
संस्थापक, प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया प्रजासत्ता पाठकों और शुभचिंतको के स्वैच्छिक सहयोग से हर उस मुद्दे को बिना पक्षपात के उठाने की कोशिश करता है, जो बेहद महत्वपूर्ण हैं और जिन्हें मुख्यधारा की मीडिया नज़रंदाज़ करती रही है। पिछलें 9 वर्षों से प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया संस्थान ने लोगों के बीच में अपनी अलग छाप बनाने का काम किया है।

Join WhatsApp

Join Now

प्रजासत्ता के 10 साल