Prajasatta Side Scroll Menu
Bahra University - Shimla Hills

Dalai Lama Epstein Files: दलाई लामा का नाम एपस्टीन फाइल्स में? कार्यालय ने साफ कहा- पूरी तरह झूठ

Dalai Lama Epstein Files : दलाई लामा के कार्यालय ने मीडिया और सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया। कहा कि परम पावन कभी जेफरी एपस्टीन से नहीं मिले।
Published on: 9 February 2026
Epstein Files: दलाई लामा का नाम एपस्टीन फाइल्स में? कार्यालय ने साफ कहा- पूरी तरह झूठ

Dalai Lama Epstein Files Connection: अमेरिका में हाल ही में जेफरी एपस्टीन से जुड़ी कुछ फाइलों के सार्वजनिक होने के बाद सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में 14वें दलाई लामा का नाम जोड़ने की कोशिश की गई। इन खबरों ने विवाद खड़ा कर दिया, लेकिन अब दलाई लामा के कार्यालय ने साफ-साफ इनकार कर दिया है।

दलाई लामा के कार्यालय ने रविवार को एक बयान जारी किया। इसमें कहा गया कि ये रिपोर्ट्स और ऑनलाइन पोस्ट पूरी तरह झूठे और बिना किसी आधार के हैं। बयान में स्पष्ट लिखा है कि परम पावन दलाई लामा कभी भी जेफरी एडवर्ड एपस्टीन से नहीं मिले। न ही उन्होंने कभी किसी को एपस्टीन से मिलने या बात करने की अनुमति दी। कार्यालय ने ऐसी अफवाहों को गुमराह करने वाला और मनगढ़ंत बताया।

इसी बीच अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने भी इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दलाई लामा की पूजनीय संस्था को निराधार बयानों या दुर्भावनापूर्ण अफवाहों में नहीं घसीटा जाना चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए खांडू ने लिखा कि गलत सूचना फैलाकर एक पवित्र आध्यात्मिक संस्था को बदनाम करने की कोशिश बहुत गैरजिम्मेदाराना और निंदनीय है।

जानकारी के अनुसार, अमेरिकी न्याय मंत्रालय ने हाल में एपस्टीन से जुड़े कई दस्तावेज सार्वजनिक किए हैं। ये फाइलें एपस्टीन फाइल पारदर्शिता अधिनियम के तहत जारी की गई हैं। इस कानून को महीनों के सार्वजनिक और राजनीतिक दबाव के बाद लागू किया गया था। दस्तावेजों में एफबीआई की 2006 से शुरू हुई जांच, 30 लाख से ज्यादा पन्ने, 2,000 से अधिक वीडियो और करीब 1,80,000 तस्वीरें शामिल हैं।

जेफरी एपस्टीन पर गंभीर आरोप थे। 2019 में अभियोग लगने के एक महीने बाद उन्होंने न्यूयॉर्क की जेल में आत्महत्या कर ली थी। उनकी करीबी घिसलेन मैक्सवेल को 2021 में अमेरिकी अदालत ने यौन तस्करी का दोषी ठहराया। मैक्सवेल ने नाबालिगों को भर्ती करने में मदद करने का आरोप स्वीकार नहीं किया, लेकिन उन्हें 20 साल की सजा सुनाई गई। वह फिलहाल जेल में हैं।

 

Aaj Ki Khabrenbreaking news todaydaily news IndiaIndia government newsIndia politics newslatest hindi newslatest news Indianational headlinesNational Newsnewsnews update todaysamachar todaytoday news Hinditop headlines todaytop news India

Join WhatsApp

Join Now