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Women Reservation Bill: “महिलाओं को अब और नहीं रोक पाएंगे”, संसद में विपक्ष को पीएम मोदी की सीधी चेतावनी

News Today: प्रधानमंत्री ने अतीत की राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी पर अफसोस जताते हुए कहा कि यह सुधार 20-25 वर्ष पहले ही हो जाना चाहिए था। उन्होंने कहा, "राष्ट्र के जीवन में कुछ बड़े पल आते हैं जो समाज की मजबूती की धरोहर तैयार करते हैं।
Published on: 16 April 2026
Women Reservation Bill: "महिलाओं को अब और नहीं रोक पाएंगे", संसद में विपक्ष को पीएम मोदी की सीधी चेतावनी

Women Reservation Bill: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरूवार को लोकसभा में महिला आरक्षण को लेकर एक बेहद गंभीर और निर्णायक संदेश दिया है। सदन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश की आधी आबादी को नीति निर्धारण प्रक्रिया में हिस्सेदार बनाना हमारा सौभाग्य है। उन्होंने विपक्ष और राजनीतिक दलों को आगाह करते हुए कहा कि पूर्व में जिस-जिस ने महिलाओं को उनके इस अधिकार से वंचित करने का प्रयास किया या विरोध किया, देश की महिलाओं ने उन्हें कभी माफ नहीं किया है।

नीति निर्धारण में 50 फीसदी भागीदारी अनिवार्य
पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि के लिए देश की 50 फीसदी आबादी का निर्णय लेने वाली प्रक्रियाओं में शामिल होना अनिवार्य है। आज, 16 अप्रैल 2026 को मोदी सरकार ने इस दिशा में तीन महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सदन में तीन अहम विधेयक पेश किए, महिला आरक्षण संशोधन विधेयक 2026, परिसीमन विधेयक 2026, और केंद्र शासित प्रदेश संशोधन विधेयक 2026। इन विधेयकों का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को पूर्ण रूप से जमीन पर उतारना और प्रभावी बनाना है।

“यह 25 साल पहले हो जाना चाहिए था”
प्रधानमंत्री ने अतीत की राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी पर अफसोस जताते हुए कहा कि यह सुधार 20-25 वर्ष पहले ही हो जाना चाहिए था। उन्होंने कहा, “राष्ट्र के जीवन में कुछ बड़े पल आते हैं जो समाज की मजबूती की धरोहर तैयार करते हैं। संसद के इतिहास में यह वैसा ही पल है। अगर जरूरत महसूस होने पर इसे पहले ही लागू कर दिया जाता, तो आज यह व्यवस्था परिपक्व हो चुकी होती।” उन्होंने सदन के सभी सदस्यों से अपील की कि वे इन विधेयकों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सर्वसम्मति से पारित कराएं।

पुरानी ‘चालाकियों’ और ‘टेक्निकल रुकावटों’ पर प्रहार
पीएम मोदी ने पूर्ववर्ती सरकारों और विरोधियों की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि महिला आरक्षण को दशकों तक ‘चालाकी और चतुराई’ से रोका गया। उन्होंने कहा कि अक्सर इस बिल के रास्ते में कोई न कोई ‘तकनीकी पूंछ’ लगाकर इसे अटका दिया जाता था। प्रधानमंत्री ने भावुक होते हुए कहा, “हम किसी भ्रम या अहंकार में न रहें कि हम नारी शक्ति को कुछ दे रहे हैं। यह उनका हक है। हमने दशकों तक उन्हें रोका है, आज उस अपराधबोध से मुक्ति पाने और प्रायश्चित करने का अवसर है।”

जमीनी स्तर पर उभरी नई महिला शक्ति
प्रधानमंत्री ने देश के बदलते सामाजिक और राजनीतिक ढांचे का उदाहरण देते हुए बताया कि अब महिलाएं केवल वोटर नहीं, बल्कि ‘ओपिनियन मेकर’ बन चुकी हैं। उन्होंने आंकड़े साझा करते हुए कहा कि आज देश की करीब 650 जिला पंचायतों में से पौने तीन सौ का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं। इसके अलावा, 6,700 ब्लॉक पंचायतों में से 2,700 से अधिक और 900 से ज्यादा शहरों की अर्बन लोकल बॉडीज की कमान बहनों के हाथ में है। पीएम मोदी ने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था से उपजी यह राजनीतिक चेतना अब सीधे नीति निर्धारण में अपनी जगह मांग रही है और इसे रोकना अब नामुमकिन है।

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