Rahul Gandhi on CAPF Bill: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ‘केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल’ (CAPF) विधेयक को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने अर्धसैनिक बलों के शीर्ष नेतृत्व ढांचे में बदलाव की मांग करते हुए इसे जवानों के साथ ‘अन्याय’ करार दिया।
राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया पर जारी बयान में चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत में किसी भी पैरामिलिट्री फोर्स का नेतृत्व वर्तमान में ऐसे अधिकारी नहीं कर रहे हैं, जिन्होंने उसी बल के निचले पदों से अपनी सेवा शुरू की हो। उन्होंने तर्क दिया कि बलों के भीतर से नेतृत्व का न उभरना और बाहर से शीर्ष अधिकारी ‘थोपना’ पूरी तरह से अनुचित है। विपक्ष के नेता के अनुसार, यह व्यवस्था बलों के आंतरिक ढांचे और उनके पेशेवर गौरव को प्रभावित करती है।
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15 साल से अधिक की निष्ठापूर्ण सेवा के बावजूद – प्रमोशन नहीं, अपनी ही फोर्स को लीड करने का अधिकार नहीं।… pic.twitter.com/VGMdd1BTIp— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) April 2, 2026
कांग्रेस सांसद ने कहा, “मुझे समझ नहीं आता कि आप किसी संगठन के मनोबल की रक्षा कैसे कर सकते हैं, जो अपने ही किसी व्यक्ति को नेतृत्व के पद तक पहुंचने का अवसर नहीं दे सकता। सरकार का यह कदम जवानों के प्रति भेदभावपूर्ण है।” उन्होंने दावा किया कि इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने भी अपनी टिप्पणी की है, लेकिन सरकार न्यायालय के सुझावों को नजरअंदाज कर रही है।
विधेयक को पेश करने की टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने उनकी अनुपस्थिति में इस बिल को चर्चा के लिए रखा। उन्होंने बताया कि जब वह असम के दौरे पर थे, तब उन्होंने सरकार को संदेश भेजकर बिल पेश करने में एक-दो दिन की देरी का अनुरोध किया था, जिसे सरकार ने अस्वीकार कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उन्हें इस महत्वपूर्ण विषय पर संसद में बोलने से रोकना चाहती है।
राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी सभी अर्धसैनिक बलों के अधिकारों के साथ खड़ी है। उन्होंने वादा किया कि यदि भविष्य में उनकी पार्टी सत्ता में आती है, तो पैरामिलिट्री बलों के नेतृत्व और पदोन्नति की प्रक्रिया में सुधार कर उन्हें उचित न्याय दिलाया जाएगा।


















