Prajasatta Side Scroll Menu
Bahra University - Shimla Hills

Andhra Pradesh New Capital: अमरावती बनी आंध्र प्रदेश की आधिकारिक राजधानी, लोकसभा में पुनर्गठन संशोधन विधेयक 2026 पारित

Amaravati Official Capital: लोकसभा ने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2026 को मंजूरी दे दी है, जिससे अमरावती अब राज्य की स्थायी राजधानी बन गई है। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय द्वारा पेश इस बिल ने 10 साल से चले आ रहे हैदराबाद के संयुक्त राजधानी के प्रावधान को खत्म
Published on: 1 April 2026
Andhra Pradesh New Capital: अमरावती बनी आंध्र प्रदेश की आधिकारिक राजधानी, लोकसभा में पुनर्गठन संशोधन विधेयक 2026 पारित

Andhra Pradesh New Capital: नई दिल्ली-केंद्र सरकार ने बुधवार को आंध्र प्रदेश की राजधानी को लेकर लंबे समय से चले आ रहे असमंजस को समाप्त कर दिया है। लोकसभा ने ‘आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026’ को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत अब अमरावती आधिकारिक तौर पर राज्य की एकमात्र राजधानी होगी।

गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री नित्यानंद राय द्वारा पेश किए गए इस विधेयक के माध्यम से आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 की धारा 5 में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। मूल अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, हैदराबाद को 10 वर्षों की अवधि के लिए आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की संयुक्त राजधानी घोषित किया गया था। इस समयसीमा के समाप्त होने के बाद, हैदराबाद को केवल तेलंगाना की राजधानी रहना था और आंध्र प्रदेश के लिए एक नई राजधानी का चयन किया जाना था।

ताजा संशोधन के जरिए कानून की भाषा में स्पष्टता लाई गई है। अधिनियम में जहाँ ‘नई राजधानी होगी’ शब्द दर्ज थे, अब उनके स्थान पर स्पष्ट रूप से ‘अमरावती नई राजधानी होगी’ जोड़ दिया गया है। यह कदम वैधानिक रूप से अमरावती की स्थिति को पुख्ता करता है।

इस विधायी प्रक्रिया की पृष्ठभूमि 28 मार्च को तैयार हुई थी, जब आंध्र प्रदेश विधानसभा ने एक सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से अमरावती को राजधानी के रूप में मान्यता देने का औपचारिक अनुरोध किया था। केंद्र का यह विधेयक उसी प्रस्ताव को कानूनी जामा पहनाने के उद्देश्य से लाया गया है।

उल्लेखनीय है कि पूर्ववर्ती वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की सरकार ने ‘तीन राजधानी मॉडल’ का प्रस्ताव रखा था। इस योजना के तहत अमरावती को विधायी, कुरनूल को न्यायिक और विशाखापत्तनम को कार्यकारी राजधानी बनाने का विचार था। हालांकि, वर्ष 2021 में इस विवादास्पद योजना को वापस ले लिया गया था। अब निचले सदन से इस विधेयक के पारित होने के बाद, अमरावती को राज्य की एकमात्र और आधिकारिक राजधानी बनाने का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो गया है।

Aaj Ki Khabrenbreaking news todayIndia government newsIndia politics newslatest news Indianational headlinesNational NewsPolitical News Indiatop news India

Join WhatsApp

Join Now