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Haryana Congress MLA Suspension: कांग्रेस ने हरियाणा राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग पर 5 विधायकों को किया सस्पेंड

Haryana Politics: कार्रवाई से पहले पार्टी ने संबंधित विधायकों को 'कारण बताओ नोटिस' जारी कर जवाब मांगा था। नोटिस में उन पर जानबूझकर पार्टी उम्मीदवार को वोट न देने का आरोप लगाया गया था।
Published on: 16 April 2026
Haryana Congress MLA Suspension: कांग्रेस ने हरियाणा राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग पर 5 विधायकों को किया सस्पेंड

Haryana Congress MLA Suspension: हरियाणा की सियासत में एक बार फिर भूचाल आ गया है। कांग्रेस आलाकमान ने राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी निर्देशों का उल्लंघन करने और क्रॉस वोटिंग में शामिल होने के आरोप में अपने पांच विधायकों को तत्काल प्रभाव से पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। यह कार्रवाई प्रदेश अनुशासन समिति की सिफारिश पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अंतिम मंजूरी के बाद की गई है।

हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने इस निलंबन आदेश की पुष्टि करते हुए बताया कि जिन विधायकों पर गाज गिरी है, उनमें नारायणगढ़ से शैली चौधरी, सदौरा से रेनू बाला, सरदार गुरमेल सिंह, पुन्हाना से मोहम्मद इलियास और फिरोजपुर झिरका से निर्वाचित विधायक मोहम्मद इजराइल शामिल हैं। इन सभी पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का गंभीर आरोप है।

राव नरेंद्र सिंह ने कड़े शब्दों में स्पष्ट किया कि संबंधित विधायकों ने हाल ही में संपन्न हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ मतदान कर घोर अनुशासनहीनता का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि यह कदम संगठनात्मक मर्यादाओं को बनाए रखने के लिए अनिवार्य था और पार्टी में अनुशासन के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।

गौरतलब है कि हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान हुआ था। इसमें भारतीय जनता पार्टी के संजय भाटिया ने आसानी से एक सीट पर जीत दर्ज की थी। दूसरी सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार करमवीर सिंह बौध और निर्दलीय उम्मीदवार नंदाल के बीच कड़ा मुकाबला था। हालांकि बौध ने जीत हासिल की, लेकिन पार्टी के पांच विधायकों की कथित क्रॉस-वोटिंग और चार वोटों के अमान्य घोषित होने से कांग्रेस की रणनीतिक स्थिति को बड़ा झटका लगा।

इस कार्रवाई से पहले पार्टी ने संबंधित विधायकों को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी कर जवाब मांगा था। नोटिस में उन पर जानबूझकर पार्टी उम्मीदवार को वोट न देने का आरोप लगाया गया था। शैली चौधरी, रेनू बाला और सरदार गुरमेल सिंह ने नोटिस का जवाब देते हुए आरोपों का खंडन किया था और खुद को निर्दोष बताया था, लेकिन उनके स्पष्टीकरण से अनुशासन समिति संतुष्ट नहीं हुई।

पार्टी नेतृत्व का मानना है कि यह निर्णय सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं के लिए एक स्पष्ट संदेश है। सामूहिक निर्णयों और पार्टी के आधिकारिक रुख के खिलाफ जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। बता दें कि हाल ही में 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया संपन्न हुई, जिसमें से 26 प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए थे, जबकि हरियाणा समेत तीन राज्यों में मतदान की नौबत आई थी।

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