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Himachal Entry Tax Controversy: कीरतपुर-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर निहंग सिंहों ने लगाया नाका, वसूला टैक्स

Punjab Himachal Border Dispute: हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा पंजाब सीमा पर लगाए गए एंट्री टैक्स और टोल नाकों के खिलाफ चल रहा विरोध प्रदर्शन बुधवार को तेज हो गया है, जिसके बाद निहंग संगठन ने मोर्चा संभाल लिया है।
Himachal Entry Tax Controversy: कीरतपुर-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर निहंग सिंहों ने लगाया नाका, वसूला टैक्स

Himachal Entry Tax Controversy: हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से पंजाब-हिमाचल सीमा पर लगाए गए एंट्री टैक्स और टोल नाकों के विरोध बढ़ता नजर आ रहा है। बुधवार को इस कर व्यवस्था के विरोध में अब पंजाब में भी जवाबी कार्रवाई शुरू हो गई है, जिससे दोनों राज्यों के सीमावर्ती इलाकों में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई है।

लंबे समय से चल रहे इस विवाद का कोई ठोस समाधान न निकलने के कारण यह संकट गहराता जा रहा है। दरअसल शिरोमणि जरनैल साहिबजादा बाबा जुझार सिंह निहंग सिंह खालसा दल ने कीरतपुर-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर गड़ा के पास ‘खालसा एंट्री टैक्स नाका’ स्थापित कर हिमाचल नंबर वाले वाहनों से शुल्क वसूलना शुरू कर दिया है।

संगठन ने अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत कीरतपुर-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर गड़ा के समीप खुद का ‘खालसा एंट्री टैक्स नाका’ स्थापित कर दिया। जानकारी के मुताबिक बाबा अछर सिंह के नेतृत्व में लगाए गए इस अस्थायी नाके पर संगठन के सदस्यों ने हिमाचल प्रदेश के पंजीकरण नंबर वाले वाहनों को रोककर उनसे टैक्स वसूलना शुरू कर दिया। इस दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित नाके पर बड़ी संख्या में निहंग सिंह मौजूद रहे।

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मिली जानकारी के अनुसार, संगठन के सदस्यों द्वारा छोटी निजी गाड़ियों से 100 रुपये और बड़े व्यावसायिक वाहनों से 500 रुपये तक की राशि वसूली जाने लगी। खालसा दल के पदाधिकारियों का साफ कहना है कि पंजाब के वाहन चालकों और किसानों पर हिमाचल की सीमाओं पर लगाए गए टैक्स का अनुचित बोझ डाला जा रहा है। इस संबंध में कई बार विरोध प्रदर्शन किए गए और प्रशासन के साथ वार्ता भी की गई, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकला।

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दल के नेताओं के अनुसार, इसी अनदेखी के चलते उन्हें राजमार्ग पर यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर अचानक लगाए गए इस अस्थायी नाके के कारण कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही पर भी असर पड़ा और यातायात प्रभावित रहा। हालांकि, आंदोलन में शामिल संगठन के कार्यकर्ता हिमाचल नंबर वाले वाहनों को रोककर उनसे निर्धारित राशि ले रहे थे और उसके तुरंत बाद उन्हें आगे जाने की अनुमति दे रहे थे।

खालसा दल के प्रमुख नेता बाबा अछर सिंह ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि जब तक हिमाचल प्रदेश सरकार पंजाब के लोगों और वहां के वाहन चालकों पर लगाए गए टैक्स को वापस नहीं लेती है, तब तक उनका यह संघर्ष रुकने वाला नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस संवेदनशील मुद्दे का कोई स्थायी और निष्पक्ष समाधान नहीं निकाला गया, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और अधिक तेज किया जा सकता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह कदम विशुद्ध रूप से पंजाब के लोगों के हितों की रक्षा के लिए उठाया गया है।

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