Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू

10 माह की बेटी को घर छोड़ कर कोरोना आपदा में सेवाएं दे रही सीमा कांता ठाकुर

10 माह की बेटी को छोड़ कर कोरोना आपदा में सेवाएं दे रही सीमा कांता ठाकुर

गगन पंवार ।
कोरोना संक्रमण काल में लोग जब इससे बचने के लिए अपने-अपने घरों पर हैं, ऐसे दौर में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी महिलाएं अपने परिवार के स्वास्थ्य की चिंताओं के बीच भी अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रही हैं। ऐसी ही एक महिला शख्सियत है आईजीएमसी में कार्यरत सीमा कांता ठाकुर। सीमा कांता ठाकुर राष्ट्रीय स्तर की संस्था क्राइम इंवेस्टीगेशन एजेंसी से भी जुड़ी हुई है और वह हिमाचल प्रदेश की वूमेन सेल इंचार्ज भी है।

सीमा अर्की तहसील के पारनू गांव से संबंध रखती है। सीमा अपनी ड्यूटी के अलावा संस्था के साथ मिल कर कोरोना आपदा के समय में और उससे पहले भी कई सामाजिक कार्यों में अपना महत्वपूर्ण योगदान भी दे रही है। सीमा कान्ता ठाकुर को सामजिक कार्यों में बचपन से ही रूचि रही है जिसके चलते मानवता की सेवा के लिए दिनरात तत्त्पर रहती है।

इसे भी पढ़ें:  Shimla News : शिमला में बागवानों का उग्र प्रदर्शन: सेब के पेड़ों के कटान के खिलाफ सड़कों पर उतरे किसान

बता दें कि सीमा की एक 10 माह की बेटी है जिसे अपने परिवार के पास छोड़कर है हर रोज अपनी सेवाएं दे रही है। सीमा आईजीएमसी शिमला में हर रोज बाहर से आए मरीजों की देखभाल और सहायता करती रहती है जो की आज के ऐसे माहौल में एक बहुत ही बड़ा काम है और मानवता की बहुत बड़ी मिसाल भी है ! मानवता की सेवा कैसे की जाए सीमा कान्ता ठाकुर सबके के लिए एक प्रेरणा है।

YouTube video player
संस्थापक, प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया प्रजासत्ता पाठकों और शुभचिंतको के स्वैच्छिक सहयोग से हर उस मुद्दे को बिना पक्षपात के उठाने की कोशिश करता है, जो बेहद महत्वपूर्ण हैं और जिन्हें मुख्यधारा की मीडिया नज़रंदाज़ करती रही है। पिछलें 9 वर्षों से प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया संस्थान ने लोगों के बीच में अपनी अलग छाप बनाने का काम किया है।

Join WhatsApp

Join Now

प्रजासत्ता के 10 साल