Shimla News: हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के चौपाल उपमंडल स्थित ग्राम पबास के प्रसिद्ध बिजाट महाराज मंदिर में लाखों रुपये के स्वर्ण आभूषणों के गबन का मामला सामने आया है। मंदिर की देखरेख और संपत्ति की अभिरक्षा संभाल रहे भंडारी पर लगभग 8 से 10 लाख रुपये मूल्य के सोने के गहनों को बेईमानी पूर्वक हड़पने का गंभीर आरोप लगा है। घटना के प्रकाश में आने के बाद स्थानीय श्रद्धालुओं और मंदिर समिति के बीच हड़कंप मच गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस थाना चौपाल में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2) के तहत आपराधिक न्यासभंग का मुकद्दमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस में दर्ज मामले के अनुसार, आरोपी की पहचान देवेंद्र सिंह पुत्र आलम चंद, निवासी ग्राम टियारी, तहसील चौपाल के रूप में हुई है। चौपाल पुलिस ने मामला दर्ज करने के साथ ही गहनता से तफ्तीश शुरू कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंदिर के पुजारी श्याम लाल, वीरेंद्र सिंह और प्रकाश चंद ने संयुक्त रूप से पुलिस थाना चौपाल में एक लिखित शिकायत सौंपी। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि आरोपी देवेंद्र सिंह मंदिर में भंडारी के पद पर कार्यरत था। धार्मिक आस्था और लंबे समय से चले आ रहे विश्वास के चलते उसे मंदिर परिसर की चाबियां तथा बहुमूल्य संपत्ति की देखरेख एवं सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपी देवेंद्र सिंह ने इस धार्मिक भरोसे का गलत फायदा उठाया। उसने अपनी अभिरक्षा में रखे लगभग 8 से 10 लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषणों का गबन किया और आपराधिक न्यासभंग का अपराध अंजाम दिया। जब मंदिर के आभूषणों का हिसाब-किताब देखा गया तो गबन की बात सामने आई, जिसके बाद पुजारियों ने तुरंत पुलिस की शरण लेने का निर्णय लिया।
चौपाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर तुरंत कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस टीम आरोपी से पूछताछ करने और गबन किए गए बहुमूल्य स्वर्ण आभूषणों की जल्द से जल्द शत-प्रतिशत बरामदगी के प्रयास में जुट गई है। जल्द ही मामले में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।


















