Shimla News: शिमला पुलिस की स्पेशल सेल टीम द्वारा नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हुई है। पुलिस ने शोघी बैरियर के पास विशेष नाकाबंदी के दौरान एक वाहन से 242 ग्राम चिट्टा बरामद कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में एक शातिर व आदतन नशा तस्कर भी शामिल है, जो महज दो सप्ताह पहले ही जेल से बाहर आया था और फिर से इस अवैध धंधे में संलिप्त हो गया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, विशेष अन्वेषण इकाई को 6 जुलाई 2026 को एक गुप्त सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया था कि कुछ व्यक्ति शोघी बैरियर क्षेत्र से एक वाहन में चिट्टा की बड़ी खेप लेकर गुजरने वाले हैं। इस गुप्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए स्पेशल सेल की टीम ने तत्काल प्रभाव से शोघी बैरियर पर नाकेबंदी कर दी और संदिग्ध वाहन को रोक लिया। नियमानुसार स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में जब उस वाहन की सघन तलाशी ली गई, तो उसमें से 242 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया।

पुलिस ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए वाहन में सवार तीन व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया, जिनकी पहचान इन्द्रदेव उर्फ दाणू, मोती शर्मा और सूरज चौहान के रूप में हुई है। मुख्य आरोपी इन्द्रदेव उर्फ दाणू, सुन्नी (जिला शिमला) का निवासी है। दूसरा आरोपी मोती शर्मा, न्यू शिमला का रहने वाला है। वहीं, तीसरा आरोपी सूरज चौहान मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले का निवासी है, जो वर्तमान में शिमला के कुमारसैन में रह रहा था। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर वाहन को कब्जे में ले लिया है।
प्रारंभिक जांच में आरोपियों को लेकर चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मुख्य आरोपी इन्द्रदेव उर्फ दाणू एक आदतन अपराधी और क्षेत्र का बड़ा नशा तस्कर है। उसके खिलाफ पूर्व में अलग-अलग थानों में 53 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
इन मामलों में एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम के 9 मुकदमों सहित आर्म्स एक्ट, आबकारी अधिनियम और चोरी जैसे संगीन अपराध शामिल हैं। आरोपी को पूर्व में PIT-NDPS एक्ट के तहत तीन महीने के लिए जेल में निरुद्ध (Detain) भी किया गया था। वह अभी हाल ही में 21 जून 2026 को जेल से रिहा हुआ था और बाहर आते ही दोबारा सक्रिय हो गया।
पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि इन्द्रदेव उर्फ दाणू सुन्नी, रामपुर, कुमारसैन और शिमला जिला के अन्य क्षेत्रों में सक्रिय एक बड़े नशा नेटवर्क का मुख्य मोहरा है। यह नेटवर्क स्थानीय स्तर पर सैकड़ों युवाओं तक चिट्टा पहुंचाने और उन्हें नशे की गर्त में धकेलने का काम कर रहा था। इस बड़ी बरामदगी से पुलिस ने नेटवर्क की एक मुख्य कड़ी को तोड़ने में सफलता पाई है।
इस पूरे मामले को लेकर पुलिस थाना बालूगंज में आरोपियों के खिलाफ अभियोग संख्या 133/2026 के तहत एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 और 29 के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस प्रशासन अब सभी आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल करने की तैयारी कर रहा है। मामले में नशा तस्करी की पूरी सप्लाई चेन, बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज, आरोपियों के वित्तीय लेन-देन तथा इस नेटवर्क के पीछे छिपे अन्य सफेदपोशों की पहचान के लिए गहन और वैज्ञानिक जांच की जा रही है।


















