Sirmour News: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के नैनाटिक्कर क्षेत्र स्थित मेहली गांव में एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां के प्रसिद्ध नैना देवी मंदिर के पुजारी पर जल शक्ति विभाग के एक कर्मचारी के साथ मारपीट करने, जानलेवा हमला करने और कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने के गंभीर आरोप लगे हैं। घटना के बाद पीड़ित की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पच्छाद पुलिस थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस ने पूरे मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 29 अगस्त 2026 को जल शक्ति विभाग में कार्यरत 57 वर्षीय कर्मचारी बाला राम पुत्र नानकु राम, निवासी मेहली ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में पूरी घटना का विवरण दिया। बाला राम ने बताया कि वे विभाग में नाइट ड्यूटी पर हैं, और घटना के समय अपने पशु चराने के लिए जंगल में गए हुए थे। नैना देवी मंदिर के समीप उनके पशु चर रहे थे। उसी दौरान विभाग के दो अन्य कर्मचारी पास में बने पानी के टैंक की सफाई का काम कर रहे थे।

पीड़ित बाला राम के अनुसार, जब उन्होंने सफाई कर रहे अपने साथी कर्मचारियों से बातचीत शुरू की और काम की सराहना की, तभी मंदिर में बैठने वाला पुजारी विक्रम ठाकुर पुत्र जोगिन्द्र, निवासी जुडब वहां मौजूद था। इस दौरान पुजारी बिना किसी कारण उन्हें गालियां देने लगा और पूछने लगा कि उनसे सवाल करने वाला वह कौन होता है। बाला राम ने शांत स्वभाव से जवाब दिया कि ये उनके ही स्टाफ के लोग हैं और वे आपस में सामान्य बातचीत कर रहे हैं।
इसके बावजूद, आरोपी पुजारी विक्रम ठाकुर लगातार अभद्रता करने लगा और बहस बढ़ाने लगा। आरोप है कि पुजारी अचानक आग बबूला हो गया और उसने बाला राम की जाति को लेकर बेहद अपमानजनक गालियां देनी शुरू कर दीं। आरोप के अनुसार पुजारी ने उन्हें जातिसूचक शब्द कहे और जान से मारने की धमकी दी।
बातचीत और बहस के दौरान ही आरोपी ने पास पड़ा एक डंडा उठा लिया और सीधे बाला राम के सिर पर वार कर दिया। डंडे का वार इतना तेज और जानलेवा था कि बाला राम का सिर और चेहरा पूरी तरह लहूलुहान हो गया।
शिकायत के मुताबिक घटना स्थल पर उस समय दो महिलाएं सत्या देवी और एक अन्य महिला भी मौजूद थीं, जो वहीं पास में अपने पशु चरा रही थीं। इन दोनों महिलाओं ने इस पूरी घटना को अपनी आंखों से देखा। घटना के समय अगर साथी कर्मचारी हरीश कुमार तुरंत बीच-बचाव करने न आता, तो पीड़ित की जान भी जा सकती थी। हरीश कुमार ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह स्थिति को संभाला।
पीड़ित बाला राम अनुसूचित जाति समुदाय से संबंध रखते हैं। इस घटना के बाद उन्होंने पुलिस प्रशासन का रुख किया और थाना पच्छाद में आरोपी पुजारी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करवाई। पच्छाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी मंदिर पुजारी विक्रम ठाकुर के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Act) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब इस मंदिर परिसर में जातीय आधार पर भेदभाव या विवाद के आरोप लगे हैं। इससे पहले भी इस तरह की शिकायतें और मामले सामने आ चुके थे। पुराना माहौल अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि पुजारी विक्रम ठाकुर द्वारा अंजाम दी गई इस नई वारदात ने पूरे इलाके के लोगों को स्तब्ध कर दिया है। फिलहाल पच्छाद पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है।


















