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Sirmaur Mine Landslide: सिरमौर माइन हादसे में समाप्त हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन, मलबे से निकले 3 शव, 2 डंपर और मशीनें तबाह..

Bagandhar Mining Accident: सिरमौर जिला के कमरऊ तहसील स्थित बागनधार माइन में मंगलवार शाम हुए भीषण भूस्खलन के बाद मलबे में दबे चालक और दो नेपाली मजदूरों के शव बरामद कर लिए गए हैं।
Published on: 20 August 2026
Sirmaur Mine Landslide: सिरमौर माइन हादसे में समाप्त हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन, मलबे से निकले 3 शव, 2 डंपर और मशीनें तबाह..

Sirmaur Mine Landslide: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला अंतर्गत कमरऊ तहसील के बागनधार स्थित माइन में मंगलवार शाम एक भयानक हादसा सामने आया। पहाड़ी से अचानक गिरे विशाल मलबे और चट्टानों की चपेट में आने से तीन लोगों की जान चली गई। हादसे के बाद से ही जिला प्रशासन, पुलिस बल, एनडीआरएफ और स्थानीय निवासियों द्वारा संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा था।

मलबे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें दो डंपर और एक एलएनटी जैसी भारी मशीन पूरी तरह दब गई थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बागनधार माइन में मंगलवार शाम को काम जारी था। इसी दौरान ऊपर स्थित पहाड़ से अचानक भारी चट्टानें और मलबे का बड़ा हिस्सा तेज गति से नीचे आ गिरा। इस आकस्मिक घटना के कारण वहां मौजूद कर्मियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

देखते ही देखते खदान में मौजूद दो डंपर और एक एलएनटी मशीन भारी-भरकम पत्थरों के नीचे समा गई। दुर्घटना के वक्त डंपर में चालक सहित कुल तीन लोग सवार थे, जो सीधे तौर पर इस भूस्खलन का शिकार हो गए। घटना की सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन को दी गई, जिसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम तत्काल मौके पर पहुंची।

परिस्थितियों की गंभीरता को देखते हुए मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए त्वरित कार्रवाई शुरू की गई। बुधवार सुबह एनडीआरएफ की टीम ने स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों की सहायता से रेस्क्यू ऑपरेशन की रफ्तार बढ़ाई। मलबे को हटाने के लिए भारी मशीनरी के साथ-साथ मैनुअल तरीके से भी काम किया गया। रेस्क्यू टीमों को इस ऑपरेशन के दौरान कई विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।

पहाड़ी से रुक-रुक कर खिसकते मलबे और घटनास्थल की कठिन भौगोलिक संरचना के कारण बचाव कर्मियों को अत्यंत सावधानी बरतनी पड़ रही थी। इसके अतिरिक्त, इलाके में छाई घनी धुंध ने भी कुछ समय के लिए राहत कार्य की गति को प्रभावित किया। हालांकि, तमाम चुनौतियों के बावजूद एनडीआरएफ और पुलिस की टीमें लगातार अभियान में जुटी रहीं।

कई घंटों के कठिन प्रयास के बाद बुधवार सुबह टीम मलबे में दबे एक डंपर तक पहुंचने में सफल रही। डंपर के भीतर से चालक को बाहर निकाला गया, परंतु तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी। मृतक की पहचान बड़वास (हिमाचल प्रदेश) निवासी अनिल कुमार के रूप में हुई। चालक का शव मिलते ही रेस्क्यू टीमों ने अपना पूरा ध्यान मलबे में फंसे अन्य दो व्यक्तियों की खोज पर केंद्रित कर दिया।

अभियान को आगे बढ़ाते हुए बुधवार शाम को रेस्क्यू टीम ने मलबे के नीचे दबे बाकी दो व्यक्तियों के शवों को भी सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया। इन दोनों मृतकों की पहचान धन सिंह और गजेंद्र सिंह के रूप में हुई है, जो नेपाली मूल के मजदूर थे और खदान में कार्यरत थे। इस प्रकार हादसे में शिकार हुए तीनों व्यक्तियों के शव बरामद कर लिए गए।

प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की जानकारी देते हुए एसडीएम शिलाई जसपाल सिंह ने बताया कि चालक अनिल कुमार के शव का पोस्टमार्टम कराने के पश्चात उसे परिजनों को सौंप दिया गया है। वहीं, शाम को बरामद किए गए दोनों नेपाली मूल के मजदूरों के शवों को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए पांवटा साहिब भेजा गया है, जहां अगले दिन उनका पोस्टमार्टम संपन्न कराया जाएगा।

उधर, घटना की गंभीरता को देखते हुए खनन विभाग ने भी कड़ा संज्ञान लिया है। जिला खनन अधिकारी सरित चंद्र ने हादसे के संबंध में कहा कि यह दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे के वास्तविक कारण क्या रहे, इसकी निष्पक्ष जांच की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं और तकनीकी पक्षों की विस्तृत पड़ताल के बाद ही हादसे की सही वजहों का पता चल सकेगा।

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