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Sirmour News: हिमाचल में शिक्षा व्यवस्था की ‘बदहाल’ तस्वीर, इस स्कूल में कलम के साथ झाड़ू पकड़ने को मजबूर शिक्षिका

Sirmour School News: एसएमसी प्रधान वीरेंद्र ने बताया कि यह शिक्षिका न केवल इस स्कूल को चला रही हैं, बल्कि इनके पास पांच अन्य प्राथमिक स्कूलों की निगरानी का कार्यभार भी है।
Sirmour News: हिमाचल में शिक्षा व्यवस्था की 'बदहाल' तस्वीर, इस स्कूल में कलम के साथ झाड़ू पकड़ने को मजबूर शिक्षिका
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Sirmour News: भले ही प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इन दावों की पोल ग्रामीण क्षेत्रों के एक सरकारी स्कूल की तस्वीरें खोल रही हैं। यहां बात हो रही है हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के दुर्गम क्षेत्र स्थित राजकीय प्राइमरी स्कूल भुवाई की। यह स्कूल श्री रेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र में स्थित है और सरकारी व्यवस्थाओं पर सीधा सवालिया निशान लगा रहा है।

स्कूल से सामने आई तस्वीरों से साफ है कि दूरदराज के स्कूलों में व्यवस्थाओं को सुधारने के दावे सच्चाई से कोसों दूर हैं। अव्यवस्थाओं का आलम यह है कि प्री-प्राइमरी से पांचवीं कक्षा तक के 70 से अधिक बच्चों का भविष्य तराशने की जिम्मेदारी महज दो शिक्षकों पर है। इनमें से एक सीएचटी (Cluster Head Teacher)हैं, जिनके पास इस स्कूल के अलावा क्लस्टर के 5 अन्य स्कूलों के प्रबंधन का भी जिम्मा है।

इन सभी व्यवस्थाओं को संभालने के साथ-साथ सीएचटी को अपने स्कूल की सफाई व्यवस्था भी बनाए रखनी पड़ रही है, क्योंकि यहां कोई सफाई कर्मी तैनात नहीं है। लिहाजा, स्कूल भवन और शौचालयों की साफ-सफाई भी महिला शिक्षिका (सीएचटी) खुद एक सफाई कर्मी की तरह कर रही हैं। विडंबना यह है कि जिन हाथों में चॉक और किताब होनी चाहिए, उन्हीं हाथों को स्कूल के टॉयलेट साफ करने और परिसर में झाड़ू लगाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

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सेंटर हेड टीचर न केवल अपने स्कूल के विद्यार्थियों को पढ़ा रही हैं, बल्कि स्कूल का प्रशासनिक कार्य, शैक्षणिक रिकॉर्ड बनाए रखना और मिड-डे मील जैसी व्यवस्थाओं की देखरेख भी अकेले कर रही हैं। एसएमसी प्रधान वीरेंद्र ने बताया कि यह शिक्षिका न केवल इस स्कूल को चला रही हैं, बल्कि उनके पास पांच अन्य प्राथमिक स्कूलों की निगरानी का कार्यभार भी है।

उन्होंने बताया कि चतुर्थ श्रेणी कर्मी और स्टाफ की कमी के चलते ग्रामीणों और स्कूल प्रबंधन समिति में भारी रोष है। पांच साल पहले यहां चतुर्थ श्रेणी कर्मी तैनात था, लेकिन उसके बाद यह पद खाली पड़ा है। स्कूल में सीएचटी के अलावा वर्तमान में एक अन्य अध्यापक कार्यरत हैं, लेकिन वे अप्रैल माह में सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। इससे अभिभावकों की चिंता और बढ़ रही है, क्योंकि तब पूरा स्कूल और बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह केवल एक ही शिक्षिका के भरोसे रह जाएगी।

स्थानीय लोगों के लिए यह हैरानी का विषय है कि एक ही कर्मचारी शिक्षा, प्रशासन और सफाई व्यवस्था को संभाल रही है। स्कूल प्रबंधन समिति और अभिभावकों ने सरकार से मांग की है कि यहां तुरंत अतिरिक्त शिक्षकों और सफाई कर्मचारी की नियुक्ति की जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई और स्कूल के अन्य कार्य सुचारू ढंग से चलते रहें।

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उधर, उपनिदेशक एलीमेंट्री शिक्षा सिरमौर राजीव ठाकुर ने बताया कि उन्हें अब तक स्कूल या एसएमसी की ओर से इस बारे में किसी भी तरह की सूचना नहीं मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जैसे ही नियुक्तियां होंगी, व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा।

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