Doctor Arrested in Chitta Smuggling: हिमाचल प्रदेश में नशीले पदार्थों, विशेषकर ‘चिट्टा’ (हेरोइन) की बढ़ती तस्करी और सरकारी कर्मचारियों की संलिप्तता ने प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं। ताजा मामले में सिरमौर पुलिस ने हरिपुरधार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में तैनात एक एमबीबीएस डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। आरोपी डॉक्टर पर न केवल नशे के सेवन, बल्कि तस्करों के साथ मिलीभगत कर नशा मंगवाने का भी गंभीर आरोप है।
पुलिस जांच के अनुसार, यह कार्रवाई 31 मार्च को हुई एक गिरफ्तारी के बाद शुरू हुई। दरअसल, नाहन पुलिस ने चंडीगढ़-देहरादून नेशनल हाईवे पर कांगनवाला नेचर पार्क के समीप स्कूटी सवार दो युवकों, भानु गर्ग और अभिमन्यु ठाकुर को 6.68 ग्राम चिट्टे के साथ हिरासत में लिया था। सघन पूछताछ के दौरान दोनों युवकों ने खुलासा किया कि उन्हें यह खेप लाने के लिए डॉ. आदित्य ने हरियाणा के नारायणगढ़ (अंबाला) भेजा था।
एसपी सिरमौर, निश्चिंत सिंह नेगी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि तकनीकी साक्ष्यों, व्हाट्सएप चैट और डिजिटल लेनदेन के विश्लेषण के बाद डॉक्टर की संलिप्तता स्पष्ट हुई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी डॉक्टर वर्ष 2020 से नशे का आदी है और इंजेक्शन के माध्यम से इसका सेवन करता है। पुलिस अब मुख्य सप्लायर की धरपकड़ के लिए हरियाणा में छापेमारी की तैयारी कर रही है।
हिमाचल प्रदेश में सरकारी मशीनरी के भीतर नशे के बढ़ते जाल का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में तस्करी में संलिप्त पाए जाने पर पुलिस विभाग के 21 कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है। राज्य सरकार ने ऐसे संदिग्ध सरकारी कर्मचारियों की एक विस्तृत सूची भी तैयार की है, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से नशा माफिया की मदद कर रहे हैं।
सिरमौर पुलिस की इस कार्रवाई को नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस विभाग अब इस नेटवर्क के अन्य संपर्कों को खंगालने में जुटा है।





















