Prajasatta Side Scroll Menu
Bahra University - Shimla Hills

कोटबेजा में पंचायत प्रतिनिधियों ने ठिकाने लगा दिया पत्थर बना 25 बैग सीमेंट: पंचायत सचिव ने नहीं की मौके की जाँच

Published on: 17 September 2022
कोटबेजा में पंचायत प्रतिनिधियों ने ठिकाने लगा दिया पत्थर बना 25 बैग सीमेंट: पंचायत सचिव ने नहीं की मौके की जाँच

कसौली|
विकास खंड कार्यालय धर्मपुर के अंतर्गत कसौली तहसील की ग्राम पंचायत कोटबेजा में सरकारी सीमेंट के 25 बैग पत्थर मामले में नया मोड़ आ गया है। पंचायत विभाग के लापरवाह अधिकारीयों के लेट लतीफी के चलते पंचायत प्रतिनिधियों ने पत्थर बने सरकारी सीमेंट को ठिकाने लगा दिया है। मामले में जिस सचिव को जाँच करने के लिए कहा गया उसने मौके पर जाकर पत्थर बने सीमेंट की स्थिति नहीं देखी, केवल आरोपित प्रतिनिधियों के बयान के आधार पर ही रिपोर्ट बनाई। जिससे इस मामले में कार्रवाही से बचने और पंचायत प्रतिनिधियों बचाने और ख़राब सरकारी सीमेंट को ठिकाने लगाने में उसकी भी भूमिका होने का अंदेशा बढ़ गया है।

बता दें कि इस मामले में सीएम सेवा संकल्प हेल्पलाइन के माध्यम से भ्रष्टाचार निरोधक एवं सर्तकता विभाग हिमाचल (विजलेंस) को शिकायत भेजी गई थी। लेकिन विभाग ने शिकायत को इस आधार पर पंचायती विभाग को यह रिपोर्ट कर सौंप दिया कि विभाग ने शिकायतकर्ता से गहन पूछताछ में मामले को लेकर कोई सटीक कोण नहीं पाया गया। जबकि शिकायतकर्ता के मुताबिक विजलेंस के अधिकारी ने केवल उनसे शिकायत के बारे में पूछा, जबकि मामले में गहनता से कोई भी जाँच नहीं हुई।  शिकायतकर्ता से विजलेंस जाँच अधिकारी ने फोन पर इतनी बात कही की आपको पता है विजलेंस कैसे जाँच करती है थोडा समय लगेगा, इसके अलावा न तो उन्होंने मौके पर जाकर सीमेंट की स्थिति देखी। न ही कोई रिकॉर्ड जांचा गया।

इसके बाद यह मामला पंचायती विभाग को जाँच के लिए सौंप दिया गया । मामले की अंतिम जाँच और रिपोर्ट पंचायत सचिव द्वारा दी गई। जिसमे न तो उन्होंने मौके पर जाकर सीमेंट की स्थिति देखी और न ही उन्हें पता है कि उस सीमेंट को कहां ठिकाने लगया गया। मतलब कौन से विकास कार्य में उस ख़राब सीमेंट का इस्तेमाल किया गया।

इस मामले की जाँच को लेकर पंचायत सचिव सोमदत अत्री से बात की गई तो उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि उपप्रधान ने उस सीमेंट का इस्तेमाल किसी दुसरे विकास कार्य में कर दिया। लेकिन विकास कार्य के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। सचिव का कहना था कि उन्होंने मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन के माध्यम से आई शिकायत के मामले में केवल आरोपित पंचायत प्रतिनिधियों के बयान के आधार पर रिपोर्ट बनाई है। यानि खुद मौके पर जाकर सीमेंट कि जाँच नहीं की, जिससे यह बात सामने निकल कर आ रही इस सीमेंट को ठिकाने लगाने के पीछे पंचायत सचिव की भी मिली भगत हो सकती है।

कोटबेजा पंचायत के पांजी गाँव में पत्थर बन गए सरकारी सीमेंट के 25 बैग, काम करवाना भूले प्रतिनिधि
वहीँ मामले में शिकायतकर्ता का कहना है कि मुख्यमंत्री संकल्प हेल्पलाइन के माध्यम से दर्ज की गई मेरी शिकायत 738252 दिनांक 06/08/2022 के बारे में जाँच अधिकारी द्वारा जाँच और मामले में प्रस्तुत की गई रिपोर्ट से मैं संतुष्ट नहीं हूँ। जैसा की पंचायत सचिव द्वारा दी गई रिपोर्ट के अनुसार, मैंने स्वयं पंचायत सचिव से भी इस बारे में जानकारी ली। उन्होंने खुद माना है कि मौका पर जाकर, उन्होंने सीमेंट की स्थिति को नही देखा और न ही उन्हें जानकारी है की उस सीमेंट का इस्तेमाल, प्रधान द्वारा किस कार्य में किया गया।

पंचायत सचिव ने यह बात भी मानी है कि उन्होंने पंचायत के उपप्रधान से केवल मौखिक पूछताछ कर रिपोर्ट आगे भेजी है। ऐसे में मुझे पूरा अंदेशा है कि उस सीमेंट को उपप्रधान द्वारा कहीं ठिकाने लगा दिया गया है। क्योंकि जिस स्थानीय ग्रामीण के घर में वह सीमेंट रखा गया था उनके अनुसार भी उस सीमेंट को उपप्रधान ने ही वहां से उठवा लिया है। ऐसे में प्रस्तुत की गई रिपोर्ट की कोई सटीक वैधता नहीं है। मामले में आरोपितो के बयानो के आधार पर अगर जाँच अधिकारी रिपोर्ट देगा, और खुद मौका पर जाकर नहीं देखेगा तो उस में स्पष्ट जाँच होने का मतलब ही नहीं बनता। इसलिए जाँच रिपोर्ट से में संतुष्ट नहीं हूँ।
4e082861 a9eb 479e 8ca0 503d1bd3b148

83aa4d56 3682 4940 b265 f54fdcb8419a

649f562b 256d 4595 8210 cc4bd196d42b
वहीँ सीमेंट को उठा कर ले जाने वाले उपप्रधान सुनील कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्होंने उस सीमेंट का इस्तेमाल शमशान घाट गुनाई के डंगे के काम में उस सीमेंट का इस्तेमाल कर दिया। उन्होंने ने भी माना की सीमेंट सेट हो चूका था और उसका इस्तेमाल उन्होंने विकास कार्य में किया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि शिकायत कर्ता के गाँव में बनने वाली पेयजल टंकी के लिए दुबारा सीमेंट आया है।

लेकिन इस पुरे मामले में जाँच का विषय यह है कि जिस विकास कार्य के लिए पहले सीमेंट आया था, वह पत्थर बन गया। वह किस विकास कार्य का था। अगर सीमेंट पत्थर बन चूका था तो उसका इस्तेमाल जहाँ हुआ तो उस कार्य की गुणवत्ता क्या होगी। अगर पेयजल टंकी के लिए सीमेंट आया था और उसे स्थानीय ग्रामीण के घर में रखा गया तो उसका इस्तेमाल क्यों नहीं किया गया। जबकि पेयजल स्टोर (टंकी) का निर्माण गाँव में होना था, न कि नदी में। जिससे पंचायत प्रतिनिधि बरसात होने का हवाला दे रहे हैं। इस मामले में पंचायत में हो रहे बड़े भ्रष्टाचार की बू आ रही है। जिसमे पंचायत प्रतिनिधियों के शामिल होने से इंकार नहीं किया जा सकता।

वहीँ इस पुरे मामले को लेकर विकास खंड अधिकारी धर्मपुर मुकेश कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि आपके माध्यम से ये मामला ध्यान में आया है मामले को लेकर छानबीन के बाद आगामी कार्रवाही अमल में लाई जाएगी। शिकायत कर्ता अगर जाँच से संतुष्ट नहीं है L2 अधिकारी के तौर पर मामला उनके पास आएगा उसी आधार पर जाँच की जाएगी।

इस लिंक पर क्लिक कर पढ़े क्या है मामला कोटबेजा पंचायत के पांजी गाँव में पत्थर बन गए सरकारी सीमेंट के 25 बैग, काम करवाना भूले प्रतिनिधि

Solan Himachal newsSolan HP updateSolan latest updateSolan local newsSolan NewsSolan News todaySolan samachar

Join WhatsApp

Join Now