Prajasatta Side Scroll Menu

Grammy Awards 2023: रिकी केज ने रचा इतिहास, तीसरी बार जीता ग्रैमी अवॉर्ड, दुनियाभर में तहलका

Grammy Awards 2023

Grammy Awards 2023: म्यूजिक की दुनिया से जुड़ा हर कलाकार ग्रैमी अवॉर्ड्स के आयोजन का इंतजार करता है। संगीत की दुनिया के सर्वश्रेष्ठ अवॉर्ड्स में से एक ग्रैमी अवॉर्ड्स इस बार लॉस एंजिल्स में आयोजित हुआ।

इस साल भी भारत के संगीतकार रिकी केज ने अपना तीसरा ग्रैमी अवार्ड्स जीता और ऐसा करने वाले को इकलौते शख्स हैं। रिकी केज ने ग्रैमी अवार्ड्स को जीतकर दुनियाभर में तहलका मचा दिया है।

इतना ही बल्कि रिकी ने अपनी जीत को भारत को समर्पित करते हुए एक नोट लिखा है, जिसमें उन्होंने लिखा कि “अभी-अभी मैंने तीसरा ग्रैमी पुरस्कार जीता है। अभिभूत, अवाक! मैं यह पुरस्कार भारत को समर्पित करता हूं।”

रिकी ने जीता तीसरा ग्रैमी

बता दें कि संगीतकार रिकी केज भारत के लिए एक बार फिर ऐतिहासिक क्षण सामने लेकर आए है और प्रतिष्ठित पुरस्कार समारोह में उन्होंने तीसरा ग्रैमी पुरस्कार जीतकर भारत को गौरवान्वित महसूस कराया है। 6 फरवरी को संगीत पुरस्कार समारोह के 65वें संस्करण में रिकी ने तीसरा ग्रैमी जीता। रिकी केज बेंगलुरु से है और ग्रैमी अवार्ड्स को जीतकर उन्होंने दुनियाभर में तहलका मचाया है।

इसे भी पढ़ें:  भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहला टी20 मैच आज, जानें कब और कैसे देखें लाइव

ग्रैमी पुरस्कार पाने वाले अकेले भारतीय

साल 2022 में भी इंडियन म्यूजिशियन ने 64 वें ग्रैमी अवार्ड्स में बेस्ट न्यू एज एल्बम कैटेगिरी में अपना दूसरा ग्रैमी जीता था और एक बार फिर रिकी ने इसे अपने नाम कर लिया है। बता दें कि रिकी के एल्बम को बेस्ट इमर्सिव ऑडियो एल्बम कैटेगिरी में नॉमिनेट किया गया और उन्होंने आइकॉनिक ब्रिटिश रॉक बैंड द पुलिस के ड्रमर स्टीवर्ट कोपलैंड के साथ अवॉर्ड शेयर किया।

स्टीवर्ट कोपलैंड ने इस एल्बम मे रिकी के साथ सहयोग किया और इस उपलब्धि के साथ, केज तीन ग्रैमी पुरस्कार पाने वाले अकेले भारतीय बन गए हैं।

इसे भी पढ़ें:  Mohammad Rizwan इस विस्फोटक खिलाड़ी को मानते हैं अपना आदर्श, जिससे कांपते थे बॉलर्स!

विरासत में मिली कला

बता दें कि रिकी का जन्म 5 अगस्त 1981 में यूएस में हुआ था और वह पंजाबी-मारवाड़ी हैं। आठ साल की उम्र में वह बैंगलुरू शिफ्ट हो गए थे और उन्होंने शुरुआती शिक्षा वहीं से शुरू की। रिकी को संगीत का शौक बचपन से ही था औप पढ़ाई के दौरान ही वो रॉक बैंड का हिस्सा बन गए थे और यहीं से उनका म्यूजिक करियर शुरू हो गया। रिकी को ये कला विरासत में मिली है, संगीत के क्षेत्र में उनका रुझान बचपन से रहा है।

Kasauli International Public School, Sanwara (Shimla Hills)
Aaj Ki Khabren athlete news India cricket news today football news India India sports news IPL latest update sports update Hindi

Join WhatsApp

Join Now