Asian Games 2026: एशियन गेम्स में भारतीय महिला कबड्डी टीम का स्वर्णिम सफर जारी है। शनिवार को खेले गए एक बेहद ही रोमांचक मुकाबले में भारत की महिला कबड्डी टीम ने ईरान को 37-34 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही भारतीय टीम ने न केवल अपना पिछला खिताब सफलतापूर्वक बरकरार रखा, बल्कि एशियन गेम्स के इतिहास में लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास भी रच दिया।
आक्रामक रणनीति के साथ भारतीय टीम का दबदबा
फाइनल मुकाबले की शुरुआत से ही भारतीय महिला टीम ने बेहद आक्रामक और आक्रामक रणनीति अपनाई। खेल की शुरुआत से ही भारतीय खिलाड़ियों ने रेडिंग और टैकल दोनों विभागों में दबदबा बनाए रखा। हाफ टाइम तक भारतीय टीम ने 22-16 से मजबूत बढ़त हासिल कर ली थी। हालांकि, हाफ टाइम के बाद ईरान की टीम ने वापसी का जबरदस्त प्रयास किया और मुकाबला काफी करीब ला खड़ा किया। एक समय दोनों टीमों के बीच केवल कुछ अंकों का अंतर रह गया था, लेकिन अंत में भारतीय खिलाड़ियों ने दबाव में संयम नहीं खोया और शानदार खेल दिखाते हुए 37-34 के अंतर से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
एशियन गेम्स में भारत का दबदबा और रिकॉर्ड
उल्लेखनीय है कि एशियन गेम्स में महिला कबड्डी को साल 2010 में शामिल किया गया था। तब से लेकर अब तक भारतीय महिला कबड्डी टीम ने महाद्वीपीय स्तर पर अपना निर्विवाद वर्चस्व कायम रखा है। भारत ने ग्वांगझू 2010 और इंचियोन 2014 के शुरुआती दो संस्करणों में गोल्ड मेडल हासिल किए थे। इसके बाद साल 2022 के हांगझू एशियन गेम्स में भी भारतीय टीम ने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया था।
भारतीय टीम को एशियन गेम्स के इतिहास में एकमात्र हार 2018 के जकार्ता एशियन गेम्स के फाइनल में ईरान के हाथों मिली थी, जहां टीम को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा था। अब 2026 के एशियन गेम्स में ईरान को फाइनल में मात देकर भारत ने अपनी उस पुरानी हार का बदला भी चुकता कर लिया है। कुल मिलाकर, एशियन गेम्स में भारतीय महिला कबड्डी टीम के नाम 4 गोल्ड मेडल और 1 सिल्वर मेडल दर्ज हो चुके हैं, जो इसे इस इवेंट के इतिहास की सबसे सफल टीम बनाता है।
हिमाचल की बेटियों का ऐतिहासिक योगदान
इस ऐतिहासिक जीत में हिमाचल प्रदेश की बेटियों का विशेष योगदान रहा। टीम की कप्तानी हिमाचल प्रदेश की पुष्पा राणा कर रही थीं, जिनकी अगुवाई में टीम ने लगातार दूसरी बार सोना पक्का किया। भारतीय टीम में हिमाचल प्रदेश की चार प्रमुख खिलाड़ी शामिल रहीं। इनमें कप्तान पुष्पा राणा, ज्योति ठाकुर और भावना धर्मशाला स्थित साई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (SAI) की खिलाड़ी हैं, जबकि पूर्व कप्तान रितु नेगी इंडियन रेलवे का प्रतिनिधित्व करती हैं।
पिछली बार रितु नेगी की कप्तानी में भारत ने एशियन गेम्स का गोल्ड जीता था। इस बार जिम्मेदारियां बदलीं और कप्तानी पुष्पा राणा को सौंपी गई, जबकि अनुभवी खिलाड़ी के रूप में रितु नेगी ने मैदान पर टीम को हर कदम पर रणनीतिक मजबूती प्रदान की।
एनसीओई धर्मशाला में जश्न का माहौल
भारतीय टीम की इस शानदार जीत की गूंज हिमाचल प्रदेश के साई नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (NCOE) धर्मशाला में भी सुनाई दी। मैच के दौरान सेंटर की सभी प्रशिक्षु कबड्डी खिलाड़ी टीवी स्क्रीन से चिपकी रहीं। हर एक अंक पर तालियां बजाकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया गया और अंतिम सीटी बजते ही पूरा परिसर खुशी से झूम उठा।
अपनी ही अकादमी से निकलीं पुष्पा राणा, ज्योति ठाकुर और भावना को देश के लिए स्वर्ण पदक जीतते देख युवा खिलाड़ियों में बेहद गर्व और उत्साह देखा गया। प्रशिक्षुओं का कहना था कि एशियन गेम्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर हिमाचल की बेटियों का यह प्रदर्शन उन्हें भविष्य में और बेहतर करने की प्रेरणा देता है।


















