Gold Silver Outlook 2026: अंतरराष्ट्रीय बाजारों सहित भारत में आने वाले हफ्तों में सोने और चांदी की कीमतों में और तेजी आने की उम्मीद है। बाजार के जानकारों का मानना है कि सोना प्रति 10 ग्राम 1.63 लाख रुपये तक पहुंच सकता है, जबकि चांदी भी काफी मजबूत प्रदर्शन कर सकती है। एक्सपर्ट के मुताबिक सुरक्षित निवेश मांग मजबूत है, जिसके चलते यह अनुमान लगया जा रहा है।
दरअसल, इस तेजी के पीछे कई बड़े कारण हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक स्तर पर टैरिफ बढ़ा दिए हैं। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद व्यापार को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई है। इसके अलावा मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव तेज हो रहा है। ईरान के आसपास अमेरिकी सेना की तैनाती बढ़ने और अन्य घटनाओं से जोखिम बढ़ गया है। रूस-यूक्रेन युद्ध भी जारी है। ऐसे में निवेशक अनिश्चितता से बचने के लिए सुरक्षित जगह तलाश रहे हैं और सोना-चांदी की ओर रुख कर रहे हैं।
पिछले हफ्ते मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी दोनों में अच्छी बढ़त देखी गई। सोना प्रति 10 ग्राम करीब 981 रुपये यानी लगभग 1 प्रतिशत मजबूत हुआ। चांदी वायदा में तो 8,584 रुपये यानी 3.5 प्रतिशत की जोरदार छलांग लगी। MCX पर सोना 1.5 लाख से 1.6 लाख रुपये के बीच रहा।
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एंजेल वन के रिसर्च एक्सपर्ट प्रथमेश माल्या ने कहा कि कमजोर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और बढ़ते भू-राजनीतिक खतरे ने कीमतों को सपोर्ट दिया। निवेशक फेडरल रिजर्व से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद भी लगा रहे हैं। मध्य पूर्व का तनाव, रूस-यूक्रेन संघर्ष और बाजार की अस्थिरता के चलते लोग सोने को सुरक्षित बचाव के तौर पर देख रहे हैं। माल्या का अनुमान है कि सोना जल्द ही 1.61 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को छू सकता है।
इसके अलावा चांदी में भी मजबूती के कई कारण हैं। Choice Broking के अनुसार, लूनर न्यू ईयर के बाद बाजार में पैसों की उपलब्धता बढ़ी है। साथ ही सोलर और एल्युमिनियम जैसे सेक्टरों से चांदी की औद्योगिक मांग भी तेजी दर्ज की गई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों ही धातुओं को लेकर अच्छा माहौल है। कॉमेक्स पर चांदी वायदा 5.62 प्रतिशत चढ़कर 82.34 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई। सोना भी 1 प्रतिशत बढ़कर 5,080.9 डॉलर प्रति औंस पर पहुंचा। अमेरिका-ईरान तनाव से जोखिम बढ़ा तो सेफ हेवन मांग मजबूत हुई। डॉलर में पहले गिरावट आई, लेकिन ट्रंप की 10 से 15 प्रतिशत तक टैरिफ बढ़ाने की घोषणा के बाद डॉलर में कुछ सुधार दिखा। फिर भी निवेशक सतर्क हैं और कीमती धातुओं को सपोर्ट मिलता रहा।
हालांकि आने वाले दिनों में कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े सोने और चांदी कीमतों में बाजार की दिशा तय करेंगे। इनमें अमेरिका का प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI), हाउसिंग डेटा, कंज्यूमर कॉन्फिडेंस, साप्ताहिक बेरोजगारी दावे और चीन की प्राइम लेंडिंग रेट शामिल हैं। इनसे पता चलेगा कि सोना-चांदी आगे किस तरफ जा सकते हैं।
कुल मिलाकर वैश्विक अनिश्चितता और जोखिमों के बीच सोना और चांदी निवेशकों की पहली पसंद बने हुए हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगले हफ्ते दोनों में और तेजी देखने को मिल सकती है।


















