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“लड़दीयाँ फौजां और नाम सरदारों के”

April 1, 2021

सभी पार्टियों के कार्यकर्ता की दशा एक जैसी ही है| चुनाव लोकसभा....

आखिर इंसान क्यों ऐसी गलती कर बैठता है?

आखिर इंसान क्यों ऐसी गलती कर बैठता है?

March 18, 2021

राजेश सारस्वत| क्या आपने कभी किसी जानवर को, किसी पक्षी को,किसी पशु....

ग्फ्ह्द

हम उस दिन महिला दिवस मनायेंगे जब आप सब थोड़े से सुधर जाएंगे

March 7, 2021

हमें कोई International Women’s Day का मैसज न करे, क्योंकि दिवस हमेशा....

पैरों तले स्टूल खिसका और अरमान फंदे पे

February 25, 2021

कभी-कभी अरमान लटके रह जाते हैं फंदे पे और ज़िन्दगी का स्टूल....

पर वो मेरी दोस्त कभी थी नहीं

February 17, 2021

कभी -कभी अनजाने में लोग फेसबुक पर भी मिल जाते हैं अब....

अक्सर जवानों की शहादत के समय किये वादे क्यों भूल जाती है सरकार और नेता ?

अक्सर जवानों की शहादत के समय किये वादे क्यों भूल जाती है सरकार और नेता ?

February 11, 2021

प्रजासत्ता | बहुत दुःख होता है जब भी ऐसा कोई किस्सा सामने....

Why-do-political-parties-not-reveal-the-donations-they-have-received

आख़िर खुद को मिले चंदे को उजागर क्यों नहीं करते राजनीतिक दल ?

February 8, 2021

प्रजासत्ता | राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे को लेकर पहले प्रस्तुत....

बड़े न होते तो सारे फसाद खड़े न होते!

अंतिम लेख : जब प्रथमिकता नहीं होती तो नज़रअंदाज़ होना लाजमी

January 9, 2021

अंतिम लेख : जब प्रथमिकता नहीं होती तो नज़रअंदाज़ होना लाजमी है,....

बड़े न होते तो सारे फसाद खड़े न होते!

मैं खफा तो हूँ पर गिला नहीं…

December 31, 2020

तृप्ता भाटिया “मैं खफा तो हूँ पर गिला नहीं…” बहुत मुश्किल होता....

बड़े न होते तो सारे फसाद खड़े न होते!

मन जब दुखी होता है तो अपने आप ही “आह” या बद्दुआ निकल जाती है

December 28, 2020

मन जब दुखी होता है तो अपने आप ही “आह” या बद्दुआ....

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