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कुत्ते को शिकार बनाने के लिए घर में घुसा तेंदुआ, पिंजरे में हुआ कैद.. दहशत के माहौल में लोगों ने ली राहत की सांस

Published on: 5 April 2022
कुत्ते को शिकार बनाने के लिए घर में घुसा तेंदुआ, पिंजरे में हुआ कैद.. दहशत के माहौल में लोगों ने ली राहत की सांस

ऊना|
ऊना जिला के गगरेट उपमंडल मुख्यालय के समीपवर्ती गांव में कई दिनों से लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ तेंदुआ आखिर वन विभाग के पिंजरे में कैद हो ही गया। दरअसल, गगरेट के कलोह गांवों के निवासी दो महीने से वन विभाग के पास शिकायत कर रहे थे कि एक तेंदुआ पालतू पशुओं और जानवरों पर हमले कर रहा है। जिससे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ था। तकरीबन दो महीने के बाद तेंदुआ विभाग की पकड़ में आया है। जिससे गांव के लोगों ने राहत की सांस ली है।

जानकारी के अनुसार कलोह गांव में वन विभाग ने कुते को ढाल बनाकर एक घर में पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने में सफलता हासिल की है। शाम लाल के घर पर तेंदुए ने उनके पालतू कुत्ते को शिकार बनाया। बाद में वह एक और कुत्ता लाए तो तेंदुआ उसे भी अपना निवाला बनाने को आतुर था। शाम लाल ने तंग आकर तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग से पिंजरा लगाने की गुहार लगाई। वन विभाग ने रविवार को कलोह में शाम लाल के घर पिंजरा लगाया और सोमवार रात्रि तेंदुआ उसमें फंस गया।

जिसके बाद इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। वन विभाग की टीम डॉक्टर के नेतृत्त्व में वहां पहुंची और पिंजरे में बंद मादा तेंदुए को ट्रेकोलाईजर गन से बेहोश किया गया। और अस्पताल लेजाया गया। इस मादा तेंदए का गला 25 से 30 सेंटीमीटर तक कट चुका था। वन विभाग की टीम ने इस मादा तेंदुए को पकड़कर इलाज के लिए जोनल पशु अस्पताल ऊना लेकर आई। यहां डॉक्टर शिल्पा रनौत के नेतृत्व में डॉक्टर निशांत, डॉक्टर नेहा चौहान, फार्मासिस्ट रमेश चंद की टीम ने मादा तेंदुए की सफल शल्य चिकित्सा की।

इस बारे में जानकारी देते हुए जोनल पशु अस्पताल चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर निशांत ने बताया कि गगरेट क्षेत्र के कलोह गांव से एक मादा तेंदुआ वन विभाग द्वारा लाया गया था, जिसका गला लगभग एक फीट तक कट गया हुआ था। अब ये तेंदुआ ठीक है और उसे गोपालपुर में भेज दिया गया है।

वन विभाग के अधिकारी डिप्टी रेंजर ने बताया कि गगरेट के कलोह गांवों के निवासी दो महीने से विभाग के पास शिकायत कर रहे थे कि एक तेंदुआ पालतू पशुओं और जानवरों पर हमले कर रहा है। जिससे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ था। तकरीबन दो महीने के बाद तेंदुआ विभाग की पकड़ में आया है। जिससे गांव के लोगों ने राहत की सांस ली है। उन्होंने बताया कि तेंदुए का गला तार से कट गया था जिसका उपचार जोनल पशु हस्पताल में सफलतापूर्वक डॉक्टरों की टीम ने कर दिया है। इसे अब गोपालपुर भेजा जा रहा है।

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